यूपी के में स्वाट टीम और थाना पुलिस ने मिली सूचना पर बदमाशों को घेर लिया। इस बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर बदमाश मोना घायल हो गया।
पुलिस ने उसे दबोच लिया। वहीं, उसके दो साथी भाग निकले। पकड़े गए बदमाश पर लूट, अपहरण, हत्या के करीब 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही भी घायल हो गया।
थाना क्षेत्र में आठ बदमाशों के गैंग ने दहशत का माहौल बना रखा है। एक माह पूर्व जब पुलिस उन्हें पकड़ने गई तो उन्होंने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। हालांकि मुठभेड़ के दौरान मोना उर्फ यादवेंद्र यादव साथियों के साथ भाग निकला था।
मुठभेड़ स्थल पर गोली लगने से घायल बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की रात को स्वाट टीम प्रभारी इंस्पेक्टर दिवाकर सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह और सर्विलांस प्रभारी ने मिली सूचना के आधार टीम के साथ दिहुली गांव क्षेत्र में इकहरा भट्ठा के पास घेराबंदी की।
इसी बीच अपाचे बाइक पर सवार बदमाश मोना यादव उर्फ यादवेंद्र निवासी गांव एमाहसन नगर, साथी बदमाश दीवान सिंह गांव भदौलपुर और राहुल निवासी करहल दिखाई दिए।
अपने को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में एक गोली मोना यादव के पैर में लग गई। वहीं, वहां से अन्य साथी भाग गए।
सैफई के किया रेफर
घायल सिपाही
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बदमाशों की ओर से चली गोली से सिपाही वीरेश बाबू भी घायल हो गया। पुलिस ने मोना को गिरफ्तार कर लिया। घायल मोना और सिपाही को उपचार के लिए सैफई भेजा गया।
प्रभारी एसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को बदमाश मोना को पकड़ने में सफलता मिली है। मोना आठ लोगों का अंतर्जनपदीय गैंग चलाता है। इसके अलावा अन्य जनपदों में लूट, हत्या, डकैती और अपहरण की वारदातों को अंजाम देता है।
मोना ने साथियों के साथ वर्ष 2017 में नोएडा के फेस तीन में दो व्यापारियों को गोली मारकर करीब 25 हजार की लूट की थी। व्यापारी के पास करीब चार लाख रुपये होने की उन्हें जानकारी मिली थी।
मोना पर नोएडा पुलिस ने 15 हजार का इनाम रखा है। साथ ही एटा, फिरोजाबाद और जनपद के विभिन्न छात्रों में हत्या, लूट, गैंगेस्टर, हत्या का प्रयास, डकैती आदि धाराओं में मामले दर्ज हैं। अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।