सराफ धन कुमार जैन पर हुए जानलेवा हमले के खुलासे की कहानी तीन दिन में ही पूरी तरह से बदल गई। सिर्फ कहानी ही नहीं, किरदार भी नए आ गए। और तो और वारदात का मकसद भी बदल गया। इस बार का खुलासा चौंकाने वाला है। लेकिन इसे पेश करके पुलिस अफसरों ने खुद अपनी किरकिरी करा ली। नई कहानी से साबित हो गया कि तीन दिन पहले किया गया खुलासा पूरी तरह फर्जी था।
इस बार पुलिस को अपनी कहानी में दम नजर आ रहा था, इसलिए प्रेस को जानकारी देने के लिए एसएसपी खुद सामने आए। 24 नवंबर को प्रेस कांफ्रेंस एसपी सिटी आरके सिंह और सीओ कोतवाली मनीषा ने की थी। तब सराफ के परिवार से किसी को नहीं बुलाया गया था। सराफा एसोसिएशन को भी जानकारी नहीं दी गई थी। 25 को आगरा बंद का एलान हो चुका था।
साफ लग रहा था कि पुलिस ने दबाव में खुलासे का खेेल खेला है, लेकिन बात बन नहीं पाई। तभी से फजीहत होने लगी। कहानी पर सवाल उठ रहे थे। पुलिस बैकफुट पर थी। अब नई कहानी सामने आते ही साबित हो गया कि पुलिस दबाव में कितनी शर्मनाक करतूत कर बैठी थी। उस अपराध में दो लोग बगैर पुख्ता सुबूत के जेल भेजे गए, जिसमें दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। उनसे बरामदगी पिस्टल की नहीं, मोबाइल में कैद दो पिस्टलों के फोटो की हुई थी। यह आगरा के इतिहास में पहला मौका था जब असलाह नहीं, उसके फोटो बरामदगी में दिखाए गए।
तब
1- जानलेवा हमला चौथ वसूली के लिए कराया गया था
2- बिल्लू और कान्हा गैंग के सदस्यों ने चलाई थी गोली
3- पहचान के लिए व्हाट्स एप से फोटो भेजा गया था
4- हमले का मकसद हत्या नहीं, धन्नू को डराना था
5- फरार आरोपियों पर कोई इनाम घोषित नहीं किया गया
6- पिस्टल नहीं, उसका फोटो बरामद किया था पुलिस
7- खुलासे की प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित नहीं बुलाए गए थे
अब
1- हमला 30 लाख सुपारी तय करके कराया गया था
2- पारस गैंग के शूटरों ने चलाई थी सराफ पर गोली
3- धन कुमार की पहचान के लिए विशाल खुद मौजूद था
4- डराना मकसद नहीं था, हत्या के लिए चलाई गोली
5- फरार आरोपियों पर तुरंत पांच-पांच हजार इनाम
6- हमले में इस्तेमाल तमंचा बरामद करने का दावा
7- धन कुमार जैन के परिवार को बुलाया गया
सैकड़ों लोग पहुंचे पुलिस लाइन
आगरा। पुलिस खुलासे की नई कहानी जो लेकर आई तो सराफा बाजार में बड़ी चर्चा हुई। सुबह ही मालूम चल गया था कि धन कुमार जैन के रिश्तेदार ने ही साजिश रची थी। इसके बाद शाम को जब पुलिस लाइन में एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह की प्रेसवार्ता हुई तो आरोपियों को देखने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे।