उत्तर प्रदेश के आगरा में शहर के पाश इलाके से लेकर अपार्टमेंटों के फ्लैटों में सट्टे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। रविवार रात को सिकंदरा स्थित सप्तऋषि अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 701 में दो सट्टेबाज पकड़े गए। आरोपियों में एक चर्चित योगेश दवाई भी शामिल है। इससे पहले शनिवार को दयालबाग रोड स्थित मंगलम शिला अपार्टमेंट में सटोरिये अंकुश मंगल के साथी बुक चलाते हुए पकड़े गए थे।
डीसीपी सूरज राय ने बताया कि रविवार रात को सिकंदरा पुलिस और एसओजी को मुखबिर से सप्तऋषि अपार्टमेंट में सट्टा खेलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने दबिश दी। फ्लैट में दो लोग पकड़े गए। उन्होंने अपने नाम जीवनी मंडी निवासी नीरज जैन और मनी एन्क्लेव निवासी योगेश गुप्ता बताए। उनसे छह हजार रुपये और दो मोबाइल बरामद किए गए।
मोबाइल फ्लश कर बहा दिया
पुलिस की पूछताछ में योगेश ने बताया कि वह आईपीएल में सट्टा लगवाता है। उसने इंदौर के शुभम शेट्ठी से आईडी ले रखी है। उसकी आईडी महादेव के नाम से है। नीरज ने बताया कि वह रुपये इकट्ठा करने का काम करते हैं। इसके लिए योगेश उसे 15 हजार रुपये महीना देता है। अभियुक्तगण जिन लोगों से सट्टा लगवाते हैं, उनसे एडवांस में रकम लेते हैं। जिस फोन से सट्टा लगाता था, उसे फ्लश में बहा दिया। ज्यादातर फोन से डाटा डिलीट कर दिया।
व्यापारी की आत्महत्या में आया था योगेश का नाम
जुलाई 2021 में दवा व्यापारी रविकांत गुप्ता ने आत्महत्या की थी। उन्होंने अपनी मौत के लिए दीपक भर्रा, बबलू दवाई और योगेश दवाई को जिम्मेदार ठहराया था। थाना कमला नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। योगेश ने कोर्ट में समर्पण किया था। अन्य आरोपी भी पुलिस ने जेल भेजे थे।
पुलिस के मुताबिक, येागेश पहले दवा की दुकान पर काम करता थ। बाद में सटटे के धंधे से जुड़ गया। उसने काफी धन कमाया। वह करोड़ों का मालिक बताया जाता है। जेल से छूटने के बाद वो दोबारा सट्टा लगाने लगा। पुलिस अब उसके दूसरे साथियों को भी गिरफ्तार करेगी।