आगरा के थाना डौकी पुलिस और पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोरी गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंस, एक पिकअप मैक्स, एक मोबाइल फोन तथा 740 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना रफीक एक दिन पहले ही कासगंज पुलिस व एसओजी टीम की मुठभेड़ में गिरफ्तार हो चुका है।
एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने बताया कि थाना डौकी, बमरौली कटारा और इरादतनगर क्षेत्र में लगातार पशु चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिनके संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को डौकी पुलिस और सर्विलांस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वाजिदपुर अंडरपास के पास भैंसों से लदी एक मैक्स गाड़ी खड़ी है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों में दिलखुश पुत्र संतरा बड़ाहार निवासी घिरोर (मैनपुरी), अफजाल पुत्र बेदल निवासी मोहल्ला प्रेम चिरैइया थाना भोगांव जिला मैनपुरी, गफ्फार अली पुत्र सत्तार अली निवासी गांव महमूदनगर बड़ी खानका के पीछे थाना कोतवाली,कलुआ पुत्र भूरा निवासी सत्तार अली निवासी हाजरगंज मोहल्ला भोगांव जिला मैनपुरी, चाहत अली पुत्र गलुआ निवासी प्रेम चिरैइया मोहल्ला आशिक की कोठी के पास थाना भोगांव जिला मैनपुरी, उल्फ़ान उर्फ अंडी पुत्र रहीश निवासी मैनपुरी रोड चमन नगरिया डेरा थाना अलीगंज एटा शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद एक भैंस डौकी क्षेत्र से तथा दूसरी करीब 15 दिन पहले इरादतनगर क्षेत्र से चोरी की गई थी। दोनों भैंसों को बेचने के लिए इरादतनगर क्षेत्र ले जाया जा रहा था। आरोपियों ने थाना बमरौली कटारा क्षेत्र में भी दो स्थानों से भैंस चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना रफीक है, जिसे एक दिन पहले कासगंज पुलिस व एसओजी टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश के रूप में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने बताया कि रफीक और गिरोह के अन्य सदस्यों पर विभिन्न जिलों में पशु चोरी के कई प्राथमिकी दर्ज हैं। दिलखुश के विरुद्ध भी कन्नौज समेत कई थानों में पशु चोरी के मामले दर्ज हैं।
दो दिन के लिए किराए पर लेते थे मैक्स पिकअप
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए दो दिन के लिए मैक्स वाहन किराये पर लेते थे। घटना के बाद भाड़ा देकर वाहन वापस कर देते थे। बरामद मैक्स गफ्फार अली की बताई गई है, जिसे गिरोह ने 20 हजार रुपये में किराये पर लिया था। पुलिस ने वाहन मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह सुनसान स्थानों की रेकी कर वारदात को अंजाम देता था और अधिक संख्या में होने के कारण आसानी से पशुओं को वाहन में लादकर फरार हो जाता था।