शिवानी की हत्या के बाद उसके शव को पति पुष्कर ने बाइक पर रखकर 10 किलोमीटर दूर ले जाकर फूंका था। जेल जाने से पूर्व पूछताछ में उसने यह खुलासा किया। बताया कि उसे शक था कि पत्नी के के संबंध किसी और से भी हैं। पुलिस ने पुष्कर, उसकी मां गायत्री को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी वीरेंद्र की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि 23 नवंबर 2018 को पथौली, शाहगंज निवासी पुष्कर पुत्र प्रताप सिंह ने पत्नी शिवानी (21) के किसी के साथ जाने का आरोप लगाते हुए थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया था।
उधर, शिवानी के पिता गंगा सिंह ने पुष्कर के खिलाफ मारपीट, दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। मामला हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। इसमें एसएसपी को भी पेश होना पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश में तेजी दिखाई।
पुलिस का शक उसके पति पुष्कर पर ही हुआ। ठोस साक्ष्य मिलने पर सख्ती से पूछताछ की। पुष्कर ने बताया कि 20 नवंबर 2018 की रात को शिवानी के सोने पर अपने ममेरे भाई वीरेंद्र को बुलाकर रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसकी जानकारी पुष्कर की मां गायत्री को भी थी। वह लेदर पार्क के पास शव को जला आया। इस पर पुलिस पुष्कर को घटनास्थल पर ले गई। मलपुरा पुलिस को भी बुलाया गया।
मलपुरा पुलिस ने सात दिसंबर 2018 को लेदर पार्क की पुलिया के नीचे से कंकाल मिलने की पुष्टि की। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। लेकिन, शनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस ने घटनास्थल से प्लास्टिक के तिरपाल के टुकड़े (कीचड़ में दबे थे), रबर बैंड, जले और अधजले अवशेष, बाइक बरामद की है।
तिरपाल में लपेटकर ले गया था शव को
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रात में शव को एक तिरपाल में लपेटकर बाइक पर पीछे रख लिया था। पथौली से लेदर पार्क की पुलिया पर मिट्टी का तेल डालकर तिरपाल में आग लगा दी। तिरपाल की वजह से शव कंकाल में बदल गया। सात दिसंबर 2018 को पुलिस को कंकाल मिला था।
कराया जाएगा डीएनए टेस्ट
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर कंकाल मिला था। आरोपी के घटनास्थल बताने से कंकाल शिवानी होने की पुष्टि हो गई है। लेकिन, कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।