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Agra News: पुलिस नहीं दे रही शिकायतों पर ध्यान, अदालत की तरफ बढ़ रहा रुझान

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आगरा। मारपीट, दहेज उत्पीड़न, जमीन के विवाद, धोखाधड़ी, छेड़छाड़, चोरी व अन्य कई मामलों में पुलिस पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज कर प्राथमिकी दर्ज नहीं करती। चौकी और थाने स्तर पर ही समझौते का दबाव बनाती है या मामूली विवाद बताकर शिकायत ही नहीं लेती। ऐसे में न्याय पाने के लिए पीड़ितों का रुझान कोर्ट की तरफ बढ़ रहा है।
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आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक हजारों पीड़ित कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। कोर्ट ने वर्ष 2023 में करीब 1600 और 2024 में करीब 2400 मामलों में संबंधित थानाध्यक्षों को केस दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
केस-1
हत्या कर शव यमुना में बहाने का आरोप
- विवाहिता से की गई दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या कर शव को यमुना में बहाने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस पर पीड़ित पिता गीतम सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। बताया कि उनकी बेटी नगीना की शादी ताजगंज निवासी सुनील के साथ हुई थी। अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर उत्पीड़न किया जा रहा था। 7 सितंबर 2025 की रात बेटी ने फोन कर मारपीट की जानकारी दी। वह ससुराल पहुंचे तो बेटी नहीं मिली। पूछने पर ससुराल वालों ने बताया कि नगीना को सांप ने डस लिया था। सीजेएम मृत्युंजय श्रीवास्तव ने थाना प्रभारी ताजगंज को केस दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए।
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केस-2
- पूर्व अभियंता से 65 लाख की ठगी
शाहगंज के अर्जुन नगर निवासी दीनदयाल उपाध्याय और उनके पुत्र मनीष पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रुड़की निवासी प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। बताया कि वह एमईएस में एयरफोर्स स्टेशन, आगरा में तैनात थे। तब उनकी पहचान दीनदयाल उपाध्याय से हुई थी। वर्ष 2018 में दीनदयाल उपाध्याय और उनका पुत्र मनीष उपाध्याय रुड़की आए। बताया कि हरी कंस्ट्रक्शन कंपनी नाम से फर्म का मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज विभाग में रजिस्ट्रेशन कराया है। 50 प्रतिशत मुनाफा का भरोसा कर उन्होंने अपने पुत्र और भतीजे को उनकी फर्म में पार्टनर बना दिया। 65.85 लाख रुपये निवेश किए। फर्म ने चंडीगढ़ में स्कूल बनाया। रुपये मिलने पर पार्टनरशिप रद्द कर रुपये हड़प लिए। एसीजेएम-1 शिवानंद गुप्ता ने प्राथमिकी दर्ज कर थानाध्यक्ष सिकंदरा को विवेचना के आदेश दिए हैं।


केस-3
थाना प्रभारी सहित पांच पर ठगी के आरोप
- थाना बसई जगनेर क्षेत्र में एक पुराने बाइक चोरी प्रकरण में पूर्व थाना प्रभारी सुनील तोमर सहित पांच लोगों के खिलाफ ठगी एवं अन्य धाराओं में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि 2023 में बाइक चोरी का मामला दर्ज हुआ था। तत्कालीन थाना प्रभारी सुनील तोमर, निजी सहकर्मी यदुवीर, गांव के देवेंद्र, सुरेश और राजकुमार ने पीड़ित पर दबाव बनाया। बाइक बरामद कराने के नाम पर रुपयों की मांग की। दबाव में पीड़ित ने 30 हजार रुपये दे दिए। आरोप है कि चोरी हुई बाइक को देवेंद्र, सुरेश व राजकुमार ने ही छिपाया था।
पुलिस नहीं हो रही संवेदनशील


अधिवक्ता अनूप कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की कमी है। जबकि कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी भी संज्ञेय अपराध की शिकायत मिलने पर पुलिस को बिना देर किए केस दर्ज करना चाहिए। कोर्ट की तरफ लोगों के बढ़ते रुझान से थानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।
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