एसएसपी बबलू कुमार, साथ में अन्य पुलिस अधिकारी
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आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी सुभाष, उसका भाई गजेंद्र और दोस्त वकील बेरोजगार हैं। इन्होंने हत्या की एक वजह खुद की बेरोजगारी बताई है। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा है कि पुलिस उन लोगों को जागरूक करेगी जो लॉकडाउन में बेरोजगार हुए हैं। उनसे कहा जाएगा कि वे अपराध की राह पर न चलें। इसके लिए बैठकें की जाएंगी।
लॉकडाउन में गजेंद्र की नौकरी चली गई थी। वह मानेसर में काम करता था। वकील इलेक्ट्रीशियन है, उसे भी काम नहीं मिल रहा था। इस कारण उसे मजदूरी करनी पड़ रही थी, यह भी नहीं मिल रही थी। सुभाष के पास भी कोई काम नहीं था।
लॉकडाउन में इससे पहले भी लोग बेरोजगारी में अपराध की राह पकड़ चुके हैं। दो दिन पहले रमाडा होटल के पास एक एथलीट से एक युवक ने बैग छीन लिया था। उन पर हमले की कोशिश की भी की थी। हमलावर युवक ने बताया था कि वह भूखा है।
खाना खाने के लिए बैग लिया था। पुलिस ने उसे भोजन कराने के बाद छोड़ दिया था। इससे पहले जयपुर में हलवाई का काम करने वाले दो मजदूर पुलिस ने पकड़े थे। वह फतेहाबाद में बाइक चोरी करने लगे थे। उन्हें भी काम नहीं मिल रहा था।
हत्यारोपियों को नहीं था पछतावा
वकील मूल रूप से सादाबाद के गांव पटलौनी का रहने वाला है। पिता की मौत हो चुकी है। वकील के चार भाइयों धर्मेंद्र, पूरन, बंटू और एक अन्य की शादी हो चुकी है। सभी नगला किशनलाल में रहते हैं। वकील की शादी नहीं हुई है। वह किराये पर कमरा लेकर रहता है। लॉकडाउन के बाद उसको मजदूरी नहीं मिल रही थी। इसलिए परेशान था। सुभाष ने उससे कहा तो वह तैयार हो गया।
जेल में रोटी तो मिलेगी
गिरफ्तारी के बाद वकील का कहना था कि लॉकडाउन के बाद उसे रोटी के लाले पड़ गए थे। सुभाष ने उसे 500 रुपये दिए थे और हत्या के बाद लूटपाट से मोटी रकम मिलने की उम्मीद थी, इसलिए उसका साथ दिया। उसे कोई पछतावा नहीं है। अब जेल में कम से कम उसे रोटी तो मिलेगी।
प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठकें की जाएंगी
एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि शहर और देहात के अलग-अलग इलाकों में प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठकें की जाएंगी। नवयुवक बेरोजगारी में अपराध की राह न पकड़े, उसके लिए जागरुक किया जाएगा। उन्हें काम के विकल्प बताए जाएंगे। मोहल्ला सभाओं में परिवार के लोगों का भी मार्गदर्शन किया जाएगा।