किशनी। एटा नुमाइश में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जाते समय देश की प्रख्यात कवयित्री डॉ. कीर्ति काले व कवि प्रकाश पटेरिया किशनी में गीतकार बलराम श्रीवास्तव के आवास पर शनिवार को पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से कविता के समसामयिक हालातों पर वार्ता की।
वर्तमान में कविता व साहित्य के बाजारीकरण पर उन्होंने कहा कि कविता का बाजारीकरण खराब नहीं है पर बाजारूपन नहीं होना चाहिए। बाजार में होने पर वहां की शर्तों को मानना अनिवार्य हो जाता है। बाजार की शर्तों को मानते हुए खुद को शुद्ध रखना भी जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर कवियों के लिए कवि कल्याण कोष की स्थापना होनी चाहिए।
प्रकाश पटेरिया ने कहा कि कवियों पर कविता को बेटी की तरह मानकर उसके गौरव की रक्षा करने का दायित्व रहता है। पांच मार्च को बागेश्वर धाम में होने वाले कवि सम्मेलन में वह खुद बलराम श्रीवास्तव व कीर्ति काले के साथ काव्य पाठ करेंगे। बलराम श्रीवास्तव ने कवियों का स्वागत किया। इस मौके पर श्याम सुंदर श्रीवास्तव,शशि श्रीवास्तव मौजूद रहे।