अखबारों में खबरें तो पहले से देखते आए हैं, लेकिन अमर उजाला ने साहित्य और कविता को प्रोत्साहित करने के लिए जो ये कदम उठाया है, वो वाकई में काबिलेतारीफ है। ये कहना है आगरा में आयोजित उमर उजाला के काव्य महाकुंभ में शिरकत करने पहुंचे कवि प्रो सोम ठाकुर का। उन्होंने कहा कि पहले और आज के दौर में कवि और कवियों में बहुत बदलाव आया है।
पहले कविता की गंभीरता पर ध्यान दिया जाता था, लेकिन अब रचनाकार सरलता की ओर जा रहे हैं और सिर्फ मनोरंजन पर ध्यान दिया जा रहा है। पहले कवि और साहित्यकार पैसे की ओर ध्यान नहीं देते थे लेकिन अब पैसे की ओर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। अमर उजाला के इस प्लेटफार्म से निसंदेह ये परिस्थितियां बदलेंगी। ये भी जरूर कहना चाहूंगा कि इस तरह के कार्यक्रमों से कवियों और रचनाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा।