मैनपुरी। जैन कालेज करहल में कार्यरत कवि सतीश मधुप को सुकवि मथुरा प्रसाद मानव की स्मृति में तृतीय सृजनश्री की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। उनके गीत को प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रज्ञा हिंदी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट के सचिव कृष्ण कुमार कनक ने बताया कि सुकवि मथुरा प्रसाद मानव की स्मृति में ट्रस्ट प्रति वर्ष सृजन श्री अलंकरण के लिए गीत प्रतियोगिता का आयोजन करता है। जो प्रति वर्ष जून में शुरू होकर वर्षभर चलता है। 10 महीने तक प्रति माह एक शब्द, एक वाक्य या चित्र दिया जाता है। कवियों को उस पर गीत लिखना होता है। अप्रैल मास में सेमी फाइनल में 30 विजेताओं का चयन किया जाता है।
जिनमें से फायनल में तीन विजेता और 8 सांत्वना सम्मान दिए जाते हैं। इसी क्रम में सतीश मधुप का गीत सेमीफाइल के लिए चयनित हुआ था। फाइनल में दिए गए शब्द आंसू पर आयी11 प्रविष्टियों में उनका गीत-रात भरी है पीड़ाओं से, उसे भोर तक ढलने देना। धीरज रखना पर आंखों से आंसू नहीं निकलने देना, चयनित हुआ।