सीएम अंकल ने भेजी एंबुलेंस, लखनऊ रवाना हुआ अंश
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बिस्तर पर उदास लेटे मासूम अंश को मां ने खबर दी। बेटा तैयार हो जाओ, एंबुलेंस आ गई है। यह सुनना ही था कि अंश के मुरझाए चेहरे पर मुस्कान बिखर गई। उसे लगा कि सब कुछ उसके उस खत से ही हो रहा है जो उसने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लिखा था। पापा से बोला, मैंने कहा था न, अब देखो, एंबुलेंस सीएम अंकल ने ही भेजी है। थोड़ी ही देर में उसे लेकर परिवार लखनऊ रवाना हो गया। वहां उसका ब्लड कैंसर का उपचान होना है।
मुफलिसी का मारा यह परिवार सीएम से ही उम्मीद लगाए था। दो दिन पहले अधिकारी घर आए थे। कह गए थे कि बुधवार को उसे लखनऊ ले चलेंगे। सुबह से आंखे दरवाजे पर लग गई। पूरा मोहल्ले की नजर भी यहीं लगी थी।
शाम को जैसे ही एंबुलेंस आई, भीड़ जमा हो गई। पहले एसीएम प्रथम योगेंद्र आए और परिवारीजनों को तैयार रहने के लिए कहा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस सेवा उनके निवास आवास विकास कालोनी पहुंची। पडो़सियों ने जल्द स्वस्थ होने की अंश को शुभकामनाएं दी। शाम को करीब साढ़े छह बजे अंश और उसके पिता कृष्णदत्त उप्रैती, मां पूजा उप्रैती लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई रवाना हो गए।
सीमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बच्चे को लखनऊ भेज दिया है, वहां इसका इलाज होगा। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री का एक बार फिर आभार जताया है। बता दें कि 11 साल के अंश ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इलाज के लिए पत्र लिखा था। बीते तीन साल से चल रहे इलाज में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो गए। पिता को घर-जेवर तक बेचने पड़े।