आगरा में तारीख 21 नवंबर, 2013 और जगह कोठी मीना बाजार मैदान। प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर नरेंद्र मोदी ने आलू किसानों की बदहाली का जिक्र कर आलू प्रसंस्करण यूनिट आगरा में लगाने का भरोसा दिया था। चुनाव जीते, 2019 में भी फिर प्रधानमंत्री बने। मगर, 10 साल में आलू प्रसंस्करण यूनिट नहीं बन पाई। एक बार फिर इसी मैदान पर मोदी होंगे और किसानों की नजर उनकी घोषणाओं पर टिकी होगी।
आगरा में आलू दूसरी सबसे ज्यादा होने वाली फसल है। यहां 60 हजार किसान 75-80 हजार हेक्टेयर की खेती कर रहे हैं। यहां बीते 20 साल से आलू की खेती लगातार बढ़ रही है। एनडीए के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी घोषित होने के बाद नरेंद्र मोदी नवंबर 2023 में कोठी मीना बाजार में विजय शंखनाद रैली को संबोधित करने आए थे।
उन्होंने किसानों की दुर्दशा का जिक्र किया था। खासकर आलू किसानों की बदहाली पर बोलते हुए आलू आधारित उद्योग नहीं लग पाने के लिए पूर्ववर्ती राज्य और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने आलू प्रसंस्करण यूनिट की जरूरत बताते हुए किसानों को भरोसा दिया था। मगर, 10 साल में भी आगरा में आलू प्रसंस्करण यूनिट नहीं खुल पाई। किसान इस बार उनकी गारंटी पूरी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
ताज ब्रांड से खाड़ी देशों में जाता है आलू
आगरा-अलीगढ़ मंडल के आलू को ताज ब्रांड के नाम जाना जाता है। देशभर के अलावा श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, मलयेशिया और खाड़ी देशों में इसकी आपूर्ति होती है। बीते 15 साल से आगरा का आलू दुनिया भर में अच्छी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।
पीएम की गारंटी पूरी होने का इंतजार
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा कि आलू प्रसंस्करण यूनिट की मांग कोई भी सरकार पूरी नहीं कर पाई। प्रधानमंत्री भी सपने दिखाकर गए थे, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई। उम्मीद है कि इस बार उनकी गारंटी पूरी हो जाए। एमएसपी की गारंटी और बिजली बिल माफी से किसानों का भला होगा।
किसानों को उम्मीद
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि पीएम आ रहे हैं तो किसान इनसे यही उम्मीद करता है कि टोरंट पावर किसानों को मनमाफिक बिल भेजकर शोषण कर रही है। इसकी जांच कराई जाए। रबर डैम और बैराज की गारंटी भी पूरी हो, जिससे भूजलस्तर में भी सुधार हो और सिंचाई में सुविधा मिले।