भूमि-मैपिंग के बाद आ सकती है किस्त
कृषि विभाग के अधिकारियों को ये तो नहीं पता कि आखिर सभी अभिलेख सही होने के बाद दस हजार किसानों की 11वीं किस्त क्यों रोकी गई। वहीं अब अधिकारियों का कहना है कि 11वीं किस्त के बाद भूमि की मैपिंग का काम शुरू हो गया था, जो अभी भी चल रहा है। ऐसे में मैपिंग के बाद ही किस्त आने की संभावना है।
केस एक
तहसील भोगांव क्षेत्र के गांव भवानी नगर निवासी संतोष कुमार का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण है। उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सीधे खाते में दो-दो हजार रुपये की दस किस्तें भी प्राप्त हुईं। लेकिन 11वीं किस्त उन्हें नहीं मिली। जानकारी करने जब वे कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे तो यहां कर्मचारी किस्त न मिलने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सके।
केस दो
तहसील मैनपुरी क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी प्रदीप कुमार यादव को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दस किस्तें प्राप्त हुईं। इसके बाद उन्होंने ई-केवाईसी भी करा दी। लेकिन जब 11वीं किस्त आई तो उन्हें इससे वंचित कर दिया गया। ई-केवाईसी के बाद भी किस्त से वंचित होने पर वे कार्यालय में जानकारी करने पहुंचे, लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिल सका।
उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने कहा कि कुछ किसान ऐसे हैं, जिनकी 11वीं किस्त रुकी है, लेकिन किस कारण से रुकी है ये जानकारी नहीं हो पा रही है। शायद भू-मैपिंग के बाद इन किसानों को दोनों किस्तें एक साथ प्राप्त हो सकती हैं।