जीएसटी अधिकारी के पति का करीबी रवि यादव मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस को घटनास्थल पर उसकी लोकेशन मिली थी। मृतक के परिजन के आरोप से संदेह के घेरे में आए लोगों पर भी पुलिस जल्द कार्रवाई कर सकती है। शाहगंज के मेवाती गली निवासी ट्रांसपोर्टर असगर अली 3 अप्रैल की रात अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी से ट्रक में जूते का माल लेकर जयपुर के लिए निकले थे।
फतेहपुर सीकरी के कौरई टोल के पास उनका ट्रक जीएसटी के सचल दस्ते ने रोका था। वहां से ट्रक और चालक को जयपुर हाउस स्थित जीएसटी कार्यालय भेजा गया था। असगर वहां से अकेले लौटे थे। 4 अप्रैल की सुबह मल्ल का चबूतरा क्षेत्र में उनका शव मिला था। सीसीटीवी में पैदल जा रहे असगर अली को एक कार टक्कर मारकर भागती दिखाई दी थी। परिजन महिला जीएसटी अधिकारी, उनके पति, चालक, पति के करीबी रवि यादव और अन्य पर साजिश कर हत्या कराने का आरोप लगा रहे थे। पुलिस मामले को हादसा मान रही थी। कई दिन बाद हादसे की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने जब जांच की तो संदेह के घेरे में आए रवि यादव की लोकेशन घटनास्थल पर मिली। जहां कार को छिपाया गया। वहां भी उसके होने के प्रमाण मिले। कार का चालक जालौन निवासी प्रेम नारायण था। पुलिस को पता चला कि प्रेम नारायण आगरा में एक गोशाला में काम करता है और कार उसके पास आगरा में ही रहती थी। रवि लोगों को जीएसटी अधिकारी के पति का रिश्तेदार बताता था। घटना के बाद आरोप लगते ही रवि, प्रेम नारायण, जीएसटी अधिकारी, उनके नगर निगम में अधिकारी पति समेत अन्य भूमिगत हो गए। रवि यादव की लोकेशन पुलिस को प्रयागराज में मिली है। उसकी तलाश में टीम लगाई गई है।
जीएसटी अधिकारी से चल रहा था विवाद
ट्रांसपोर्टर असगर अली का ट्रक पूर्व में जीएसटी अधिकारी ने पकड़ा था। असगर ने उनके ऊपर वसूली की रकम न देने पर गलत तरीके से चालान और कार्रवाई का आरोप लगाया था। जीएसटी अधिकारी ने असगर अली पर चौथ मांगने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। असगर अली ने भी कई जगह जीएसटी अधिकारी की शिकायत की थी। मौत से दो दिन पहले ही
असगर ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी जान का खतरा बताया था। रवि यादव और उसके साथी पर भ्रामक बातें पोस्ट करने ,समझौते का दबाव बनाने और चौथ मांगने का आरोप लगाया था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या की धारा लगाई गई है। घटना के तार जीएसटी कार्यालय में वसूली से जुड़ने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस मामले में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। हर दोषी पर कार्रवाई होगी।