महिलाओं को सुरक्षित सफर कराने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाली ‘पिंक बस’ का संचालन आगरा का परिवहन निगम नहीं कर पा रहा है। एक माह बीतने के बाद भी इन बसों के लिए प्रशिक्षित चालक नहीं मिल पा रहे हैं। यही कारण है कि नौ रूटों की जगह महज एक या दो रूट पर ही यह बसें संचालित हो रही हैं। इसके संचालन की सही जानकारी नहीं होने के कारण आए दिन खामियां सामने आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी आठ मार्च से प्रदेश के चुनिंदा शहरों में केवल महिलाओं के लिए पिंक बसों का संचालन शुरू किया गया था। एक अप्रैल को आगरा परिक्षेत्र को भी नौ पिंक बसें मिली थीं। वातानुकूलित बसों में दो एलईडी लगी हुई हैं। पैनिक बटन की सुविधा है।
सामान्य बसों से इनका किराया 25 फीसदी अधिक है। यह बसें केवल महिलाओं और उनके बच्चों के लिए संचालित की गई। ऑनलाइन बुकिंग सुविधा भी शुरू की गई मगर सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। केवल आगरा से दिल्ली के लिए सवारियां मिल जाती हैं।
नहीं है प्रशिक्षित चालक
इस कारण विभिन्न निर्धारित रूटों पर कई दिन तक खाली ही बसों का संचालन किया गया। घाटे का सौदा होने के कारण इन बसों में अब पुरुषों को भी यात्रा करवाई जा रही है। इसके बाद भी कई रूटों पर सभी बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इनके लिए प्रशिक्षित चालक, परिचालक नहीं हैं।
आगरा फोर्ट डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीके लोहानी ने बताया कि यह उच्च तकनीक की बसें हैं। चालक प्रशिक्षित नहीं हैं। इस कारण दिक्कत आ रही है। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। कुछ रूटों पर दिक्कतें हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है।
इन रूटों पर तय किया संचालन
आगरा से दिल्ली- दो बसें
आगरा-मुरादाबाद- दो बसें
आगरा-बरेली - दो बसें
आगरा-अलीगढ़- दो बसें
आगरा देहरादून- एक बस
आए दिन हो रहीं खराब
पिंक बस सेवा की बसों में प्रेशर पाइप के बार-बार फटने की समस्या सामने आ रही है। बुधवार को भी देहरादून जाने वाली बस को प्रेशर पाइप फटने के कारण निरस्त किया गया। इसके अलावा धुआं उठने, लोज नहीं लेने, कई बार इसके गेट नहीं बंद होने की समस्याएं सामने आ रही हैं। एक बस 25 अप्रैल से खराब खड़ी हुई है। इस तरह नौ में से पांच बसें वर्कशाप में खड़ी हैं।
बच्चे दबा देते हैं पैनिक बटन
इस बस में हर सीट के ऊपरी हिस्से पर पैनिक बटन लगा हुआ है। महिलाएं किसी तरह की आपात स्थिति होने पर इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इसका सीधा संबंध पुलिस कंट्रोल रूम से है। पुलिस कंट्रोल रूम से बस के चालक, परिचालक पर कॉल आती है।
इस बस का संचालन करने वाले एक चालक ने बताया कि आए दिन बच्चे इस बटन को दबा देते हैं तो पुलिस से कॉल आती है, लेकिन अभी तक किसी महिला ने इस बटन का प्रयोग नहीं किया है।