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Mig-29 Crash: पायलट की गलती या विमान में खराबी...कैसे हुआ मिग-29 क्रैश, एयरफोर्स इंजीनियर ने की जांच

Sun, 10 Nov 2024 09:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के कागारौल के जिस गांव में मिग-29 क्रैश हुआ, वहां एयरफोर्स के इंजीनियर जांच के लिए पहुंचे। बुलडोजर की मदद से सारा मलबा पलट दिया गया। यहां कलपुर्जों की जांच की गई।
 
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जांच करते एयरफोर्स के इंजीनियर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में 4 नवंबर को कागारौल के बघा सोनिगा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग-29 के मलबे की जांच के लिए शनिवार को भारतीय वायुसेना की छह सदस्यीय टीम पहुंची। अपने साथ एयरफोर्स का ही बुलडोजर लेकर पहुंची टीम ने मिग-29 का मलबा हादसे के पांचवें दिन पलटा और विमान के निचले हिस्से की जांच की। टीम के इंजीनियरों ने मलबे में दबे साक्ष्य तलाशे और एक एक-कलपुर्जे की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की।
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शनिवार को एयरफोर्स के इंजीनियरों की जांच टीम अपने साथ कई उपकरण लेकर बघा सोनिगा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग-29 लड़ाकू विमान की जांच के लिए पहुंची। करीब ढाई घंटे तक जांच टीम ने बहादुर सिंह के खेत में गिरे मिग-29 के हर एक कलपुर्जे की जांच की और इसे पलट कर भी देखा। विमान के डैने जिस जगह से टूटे, उसका ब्योरा लिया। बुलडोजर से विमान के मलबे को पलटने के बाद कई कलपुर्जे नजर आए। विमान की वायरिंग पूरी तरह से जल गई थी, वहीं कई कलपुर्जे नष्ट हो चुके हैं। 6 सदस्यीय जांच टीम में महिला इंजीनियर भी शामिल है।
 
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पायलट की गलती या विमान में खराबी
सोमवार शाम 4:30 बजे मिग-29 के क्रैश होने पर विंग कमांडर और लड़ाकू विमान पायलट मनीष मिश्रा फाइटर जेट से इजेक्ट हो गए थे। वह पैराशूट की मदद से बघा सोनिगा के एक खेत में उतर गए थे। मंगलवार से उड़ान सुरक्षा निदेशालय समेत तीन जांच टीमों ने हादसे की जांच शुरू कर दी थी। शनिवार को मलबे की जांच की गई। पहली बार मलबे को पलटकर देखा गया कि ऊपर से नीचे गिरे विमान में धमाके से आग लगने पर कौन से हिस्से बच गए हैं। खेत में गिरने पर विमान का कौन सा हिस्सा सबसे पहले जमीन पर टकराया। जांच का मुख्य बिंदु ये है कि दुर्घटना में पायलट की गलती है या विमान में तकनीकी खराबी आई।

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एटीसी और पायलट के बयानों की जांच
आदमपुर से उड़ान भरकर आगरा में दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग-29 विमान ने आगरा के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हादसे के समय क्या बातें की और पायलट ने जो बयान दिए हैं, उनमें क्या अंतर है, इसकी जांच उड़ान सुरक्षा निदेशालय समेत तीनों जांच दल कर रहे हैं। ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए दिल्ली स्थित लैब में भेजा गया था, जहां से अब इसे आगरा भेजा गया है। इसी तरह एयरफोर्स की जांच भी पूरी तरह से एटीसी और पायलट के बयानों पर टिकी है। आदमपुर एयरबेस से भी जांच दल मिग विमान की जांच के लिए पहुंचा है। विंग कमांडर मनीष मिश्रा के परिजन आगरा पहुंचे हैं।
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