फर्श पर बाबा साहब व महात्मा बुद्ध की तस्वीरें, भड़के अनुयायी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के दिल्ली गेट के सरकार नर्सिंग होम में महापुरुषों के टाइल्स लगाने और उन्हें बदरंग करने के मामले में पुलिस ने आरोपी कर्मचारी राकेश को शांति भंग में जेल भेज दिया। वहीं साजिश में शामिल दूसरे आरोपी आजाद समाज पार्टी के मंडल कोऑर्डिनेटर अनिल कर्दम से पूछताछ नहीं की गई।
दिल्ली गेट स्थित सरकार नर्सिंग होम की छत के फर्श पर बाबा साहब और भगवान बुद्ध की तस्वीर वाले टाइल्स लगाए गए थे। इन्हें बाद में खुरचकर खराब किया गया था। इसकी जानकारी होने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बवाल किया था। पुलिसकर्मियों से हाथापाई हुई थी। वर्दी तक फटी थी। लेकिन पुलिस इस मामले में बैकफुट पर आ गई।
महापुरुषों के अपमान पर आजाद समाज पार्टी के महानगर अध्यक्ष शानू ने केस दर्ज कराया था। इसमें हाॅस्पिटल संचालक और एक अन्य कर्मचारी सत्यप्रकाश को नामजद किया गया है। वहीं इस मामले में एसीपी हरीपर्वत विनायक भोंसले ने हॉस्पिटल के कर्मचारी राकेश की साजिश बताई। दरअसल राकेश का हॉस्पिटल संचालक से एक माह के वेतन को लेकर विवाद है।
पुलिस ने राकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि आजाद समाज पार्टी के अनिल कर्दम से मिलकर उन्हें ऐसे टाइल्स लगाने की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने राकेश और अनिल को बवाल कराने की साजिश का आरोपी बताया था।
दूसरी ओर, पुलिस ने राकेश को शांति भंग में जेल भेजा है। घटना के मामले में जेल नहीं भेजा है। वहीं दूसरा आरोपी अनिल पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के साथ सूरसदन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुआ। पुलिस के सामने ही रहा, लेकिन पुलिस ने पूछताछ के लिए भी नहीं बुलाया। इस संबंध में एसीपी सदर सुकन्या शर्मा ने बताया कि अनिल कर्दम की भूमिका की जांच की जा रही है।
हाॅस्पिटल संचालक व कर्मचारी के नाम हटेंगे
हाॅस्पिटल वाली घटना में हास्पिटल के संचालक डॉ. देवाशीष सरकार और कर्मचारी सत्यप्रकाश के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। एसीपी सदर का कहना है कि घटना में दोनों ही आरोपी नहीं है। इनके नाम विवेचना में निकालने के बाद साजिश में शामिल आरोपियों को नामजद किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी।