टूंडला। कोरोना का नया वेरिएंट दोगुनी ताकत के साथ उभर रहा है, मगर हुरियारे बच्चों पर कोरोना का कोई असर नहीं दिख रहा। रंगों के पर्व को लेकर नगर के बालकों में जोश है। इस बार होली पर बच्चों का रुझान मुखौटों पर है। मोदी, ममता, राहुल, पावर रेंजर्स, मिक्की माउस, स्पाइडरमैन, शक्तिमान, पॉकेमोन, ही-मैन के रूप में वे होली पर पिचकारी लेकर दौड़ेंगे तो आप भी नहीं पहचान पाएंगे।
जी हां, इस बार बच्चों के पसंदीदा टीवी सीरियलों के कार्टून नायकों, खलनायकों के अलावा राजनेताओं के मुखौटे बाजार में खासे उपलब्ध हैं। बच्चे इन पर लट्टू हैं, वे इन मुखौटों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। होली से पूर्व ही वे मुखौटे लगाकर घूम रहे हैं। अपना ही नहीं एक-दूसरे का मनोरंजन भी कर रहे हैं। होली की मस्ती में झूमकर ओम बोला, वह तो पावर रेंजर का मुखौटा लगाएगा। कृष्णा ही-मैन की पॉवर लेकर होली मैदान में कूदेगा तो सार्थक शक्तिमान बनकर सभी को रंगों से सरोबार करेगा। इसी बीच मिनी, लक्ष्मी ने भी अपने-अपने पसंदीदा मुखौटे पहनकर होली मनाने की बात कही।
सचिन, सुरभि, भानू ने टीवी सीरियल से जुड़े नायक और खलनायकों के मुखौटे स्वयं बनाए हैं। साइना, पिंकी, जूही अपनी नाक व आंखों को रंगों से बचाने के लिए मास्क खरीदकर लाए हैं। इन बच्चों का कहना है कि बड़ा मजा आएगा... इससे कोरोना का बचाव भी होगा और मम्मी-पापा भी उन्हें नहीं पहचान पाएंगे। पिचकारी लेकर दोस्तों को रंगेंगे, तो वे यही कहेंगे...अरे पावर रेंजर, रहने दो मुझे छोड़ दो, ना, भई ना स्पाइडर मैन, नहीं-नहीं... शक्तिमान मुझे मत रंगो और डरकर भागेंगे तो बड़ा मजा आएगा। बच्चे तो बच्चे मुखौटे लगे होने पर आप भी अपने लाडलों को नहीं पहचान पाएंगे।
मुखौटा और टोपी बचाएंगे चेहरे और बाल
टूंडला। होली पर मुखौटे और टोपी प्रचलन में आने की वजह एक यह भी है कि तीखे रंगों का प्रभाव से चेहरा और सिर बचा रहता है। कुछ शौकिया तो कुछ रंगों के बचाव को मुखौटों व हेट का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन देखना है कि वे होली पर इनसे अपने आप को बचा पाएंगे।
ये मेरा पिचकारी वाला हेट देखो...
टूंडला। होली पर रंग-बिरंगे हैट भी युवाओं की पसंद बने हुए हैं। प्लास्टिक-पत्तियों और चटाई व क्रिकेटरों के हैट हुरियारों को पसंद आ रहे हैं। कुछ ऐसे हैट भी हैं, जिनमें लगी पिचकारी कब किस पर रंग छोड़ दे, पता नहीं चलेगा।