डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए पांच विषय ऐसे हैं, जिनमें उपलब्ध सीटों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या बेहद कम है। भाषा विज्ञान, उर्दू, ग्रामीण समाजशास्त्र एवं सामुदायिक विकास, सैन्य विज्ञान और जनसंचार में शोध के लिए अभ्यर्थियों की कमी सामने आई है। स्थिति यह है कि इन विषयों में चार से आठ सीटें उपलब्ध हैं लेकिन एक या दो अभ्यर्थी ही आवेदन कर सके। इनमें भी कई विषयों में केवल एक अभ्यर्थी ही प्रवेश परीक्षा में सफल हुआ है।
शैक्षिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय के 54 विषयों में पीएचडी प्रवेश परीक्षा हुई थी। इसमें 2,900 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 2,050 सफल हुए। इसके बावजूद कुछ विषयों में शोध के प्रति अभ्यर्थियों की रुचि बेहद कम दिखाई दी। पीएचडी समन्वयक प्रो. बीपी सिंह ने बताया कि इस बार भाषा विज्ञान में छह सीटों के सापेक्ष केवल एक अभ्यर्थी सफल हुआ है।
उर्दू की आठ सीटों पर भी एक ही अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुआ। ग्रामीण समाजशास्त्र एवं सामुदायिक विकास में आठ सीटों के मुकाबले एक अभ्यर्थी सफल हुआ है। सैन्य विज्ञान की चार सीटों पर भी केवल एक अभ्यर्थी उत्तीर्ण हो सका। जनसंचार विषय में चार सीटों के लिए दो अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से एक सफल हुआ। वहीं, इंस्ट्रूमेंटेशन (उपकरण विज्ञान) विषय में चार सीटों के सापेक्ष एक अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुआ है।