लकड़ी बेचकर निकल आई लागत
किसान चंद्रशेखर उर्फ बॉबी ने बताया है कि उसने दो बीघा फालसा की खेती की है। जिसमें 40,000 हजार की लागत आई है। दिसंबर—जनवरी के माह में फालसे के पेड़ों की कटिंग होती है। दो बीघा खेत की लकड़ी 40,000 हजार रुपये की बिकती है। बॉबी ने कहा कि लकड़ी बेचकर लागत के रुपये निकल आए हैं। बॉबी ने कहा कि 1 मई से 10 मई तक दिल्ली में फालसा 250 रुपये किलो बिका है। 10 मई के बाद फालसा 100 रुपये किलो के भाव बिक रहा है।
साढ़े चार लाख रुपये की होगी बचत
गांव के युवा किसान दौलतराम कुशवाह ने बताया है कि एक बीघा फालसा में एक महिने के अंदर कम से कम 1.25 लाख की कमाई होती है। जिसमें लगभग 50 हजार रुपये के मजदूर लग जाते हैं। दौलतराम ने कहा है कि इस वर्ष उनके पास छह बीघा फालसा की खेती है। जिसमें उन्हें लगभग साढ़े चार लाख रुपये की बचत होगी।
किसानों को नहीं किया जा रहा प्रोत्साहन
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि गांव कुकथला सहित आसपास के कई गावों के किसान परंपरागत ढ़ंग से उद्यानिक खेती करते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक उद्यानिक खेती करने के लिए कोई भी आर्थिक सहयोग नहीं देती है। वहीं सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहन भी नहीं किया जाता है।