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पीएफ घोटाला: पीके गुप्ता को लेकर आगरा पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम, फ्लैट में लगा मिला डिजिटल लॉक

Fri, 08 Nov 2019 08:53 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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मकान के बाहर खड़ी इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की टीम की गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी पॉवर कारपोरेशन में हुई पीएफ घोटाले की जांच कर रही इकोनोमिक ओफेंस विंग ( ईओडब्ल्यू ) के अफसर शुक्रवार को आरोपी महाप्रबंधक पीके गुप्ता को लेकर उनके सिकंदरा की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे।
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मेन गेट से लेकर कमरो तक में डिजीटल लॉक लगे होने के कारण अफसरों को शीशे तोड़कर अंदर जाना पड़ा। इसकेबाद मेकेनिक को बुलाकर लॉक तुड़वाए और अलमारियों में रखी फाइलें निकालकर जब्त कर लीं।

अफसरों ने इनके बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया। हालांकि माना यही जा रहा है कि घोटाले से संबंधित साक्ष्य उनके हाथ लग गए हैं। पीके गुप्ता आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में तैनात थे। उसे दो नवंबर को आगरा से ही गिरफ्तार किया गया था। लखनऊ पुलिस की टीम उसे साथ ले गई थी। अगले दिन उसे निलंबित कर दिया गया था।
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ताला तोड़ने वाले को लेकर आई पुलिस - फोटो : अमर उजाला
घोटाले के अन्य आरोपियों केसाथ उसे भी रिमांड पर लिया गया है। जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। अफसर की टीम उसे लेकर दोपहर साढ़े बारह बजे उसके फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची। यहां मेन गेट पर डिजीटल लॉक था। गुप्ता ने कोड नहीं बताया। इस पर शीशा तोड़कर अफसर अंदर गए।

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अंदर कमरों के गेट पर डिजीटल लॉक थे। इन्हें बोदला से मिस्त्री बुलाकर तुड़वा दिया गया। शाम को साढ़े पांच बजे टीम उसे साथ लेकर लौट गई। साथ में कई फाइलें ले गई।

इस बारे में पूछे जाने पर अफसरों ने सिर्फ इतना कहा कि जांच चल रही है। इससे पहले बृहस्पतिवार को लखनऊ में एपी मिश्रा और सुधांशु का घर और दफ्तर खंगाले थे। वहां एपी मिश्रा के घर एक डायरी मिली थी।
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टीम ने पीके गुप्ता से डिजीटल लॉक खोलने के लिए कोड बताने के लिए कहा। उसने कह दिया कि याद नहीं आ रहे। इसके बाद चुप्पी साध ली। परिवारीजन पहले ही रिश्तेदारी में चले गए थे। एक मेकेनिक फेल, दूसरे ने खोले ताले

पीके गुप्ता के फ्लैट का नंबर जी-6 है। उसने यह किराए पर ले रखा है। जैसे ही वह घोटाले में फंसा, इस नंबर को मिटा दिया गया। अफसरों की टीम को उसने यह नंबर बताया था लेकिन जब यह नजर नहीं आया तो कॉलोनी के गार्ड से पूछा। उसने फ्लैट पर ले जाकर कहा कि यही है, लेकिन नंबर मिटा दिया गया है।
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