भविष्य निधि घोटाले को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का आक्रोश थम नहीं रहा है। 18 नवंबर से 48 घंटे का कार्य बहिष्कार का एलान किया है।
इसको लेकर शनिवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने दक्षिणांचल के विभिन्न कार्यालयों में संपर्क कर कार्य बहिष्कार को सफल बनाने का आह्वान किया।
18 और 19 नवंबर को दक्षिणांचल के सभी सब स्टेशन और कार्यालय कर्मचारी रहित होंगे। इस बीच यदि कोई परेशानी आती है तो उपभोक्ताओं को इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं होगा।
समिति के सदस्यों ने दो दिवसीय पूर्ण कार्य बहिष्कार के समर्थन में विद्युत वितरण खंड प्रथम सिकंदरा, विद्युत वितरण खंड द्वितीय कमला नगर, विद्युत वितरण खंड चतुर्थ किरावली के कर्मचारियों से संपर्क किया गया। सभी से एकजुट होने का आह्वान किया।
कहा कि जब तक अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन नहीं करेंगे, तब तक सरकार उनकी नहीं सुनेगी। इस दौरान सलमान मजहर, संजय उपाध्याय, राकेश पाल, ललित कुमार यादव, सुरेंद्र बघेल आदि मौजूद थे।
बता दें कि विगत शुक्रवार को यूपी पॉवर कारपोरेशन में हुई पीएफ घोटाले की जांच कर रही इकोनोमिक ओफेंस विंग ( ईओडब्ल्यू ) के अफसर आरोपी महाप्रबंधक पीके गुप्ता को लेकर उनके सिकंदरा की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे थे। यहां मेन गेट से लेकर कमरो तक में डिजीटल लॉक लगे होने के कारण अफसरों को शीशे तोड़कर अंदर जाना पड़ा। इसके बाद मेकेनिक को बुलाकर लॉक तुड़वाए और अलमारियों में रखी फाइलें निकालकर जब्त कर लीं।
शुक्रवार को अफसरों ने इनके बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया था। हालांकि माना यही जा रहा है कि घोटाले से संबंधित साक्ष्य उनके हाथ लग गए हैं। पीके गुप्ता आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में तैनात थे। उसे दो नवंबर को आगरा से ही गिरफ्तार किया गया था। लखनऊ पुलिस की टीम उसे साथ ले गई थी। अगले दिन उसे निलंबित कर दिया गया था।