आगरा। दिवाली के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत उत्तर भारत में बढ़े वायु प्रदूषण को देखते हुए वाहनों को प्रदूषण संबंधी स्टार रेटिंग देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। आगरा के पर्यावरणविद और चिकित्सक डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने याचिका में कारों के लिए 5 स्टार से लेकर 1 स्टार तक की रेटिंग प्रणाली लागू करने की मांग की है। पूर्व में उन्होंने यह याचिका नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दाखिल की थी, लेकिन अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा गया था।
याचिकाकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाहनों के कारण फैल रहा है। सड़कों पर लाखों गाड़ियां हैं। इनमें भी एसी, फ्रिज की तरह ऊर्जा आधारित स्टार रेटिंग प्रणाली अपनाई जाए। सभी विकसित और एशियाई देशों में प्रदूषण को देखते हुए यह रेटिंग प्रणाली लागू है, लेकिन सर्दियों में भारी प्रदूषण के बाद भी इस पर गंभीरता नहीं बरती जा रही है। यह रेटिंग मुख्य रूप से वाहन की ईंधन दक्षता प्रति लीटर या 100 किमी में ईंधन खपत तथा कार्बन मोनोक्साइड के उत्सर्जन पर आधारित हो सकती है।
एसयूवी, लग्जरी कारें कर रहीं ज्यादा खपत
डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने याचिका में कहा है कि बड़ी एसयूवी और लग्जरी कारों में डीजल-पेट्रोल की खपत ज्यादा है जो सामान्य कारों की तुलना में चार गुना तक है। इससे अतिरिक्त प्रदूषक उत्सर्जित होते हैं। भारत बीएस मानकों का पालन कर रहा है, इसलिए स्टार रेटिंग भी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण का 50 फीसदी हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है। भारत के चाराें मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, कोलकाता में प्रदूूषण के कारण हर साल 33 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा रही है। याचिका में कहा गया है कि ह स्टार रेटिंग प्रणाली लागू होने से वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगेगी और नागरिकों को स्वच्छ हवा मिल पाएगी।