मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की कोरोना जांच के लिए सूची बनेगी। सूची सीडीओ को सौंपी जाएगी। इसके बाद मोबाइल लैब और स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जांच के लिए सैंपल लेंगे। इसके लिए मरीज को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।
सीएमओ व सीएमएस बनाएं समन्वय
जिलाधिकारी ने सोमवार सुबह सर्किट हाउस में कोविड नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ समीक्षा की। यहां जिला अस्पताल के सीएमएस व सीएमओ को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के आदेश दिए।
दोनों चिकित्साधिकारियों में आपसी समन्वय की कमी पाई गई थी। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि निजी अस्पतालों में सैंपलिंग व उपचार के लिए आईसीएमआर की गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने सीएमओ से पोस्टमार्टम गृह पर जिन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है, उनकी सूची तलब की है। साथ ही कोविड से संबंधित व्यय बिलों का भुगतान शासनादेश के मुताबिक करने के आदेश दिए।
गांव की तर्ज पर वार्डों में निगरानी
बाहर से आए प्रवासियों को ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटीन व निगरानी की तर्ज पर यह व्यवस्था अब नगर निगम क्षेत्रों में लागू करने के आदेश दिए। इस संबंध में सीडीओ व नगरायुक्त से रिपोर्ट मांगी है।