जमीन में समाधि लगाकर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज के सोरों को तीर्थ स्थल का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन तेज होता जा रहा है। जल सत्याग्रह के बाद अब आंदोलनकारियों ने अनोखे अंदाज में अपनी मांग उठाई है।
शुक्रवार को सोरों गंगा घाट पर लोगों ने भू समाधि लगाकर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 10 आंदोलनकारियों ने प्रतीक स्वरूप जमीन में अर्द्ध समाधि ली।
आंदोलन संयोजक भूपेश शर्मा ने बताया कि सोरों पौराणिक व प्राचीन तीर्थ है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कृत्यों के लिए विभिन्न प्रांतों से आते हैं। यहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
प्रदर्शन में युवाओं ने लिया हिस्सा
सोरों को तीर्थ स्थल घोषित कराने के लिए जो चरणबद्ध आंदोलन चल रहा है। युवाओं में आंदोलन के छठे चरण में भू-समाधि सत्याग्रह कर सोरों को तीर्थ स्थल घोषित कराने की मांग की।
लोकसभा विधानसभा और निकाय चुनाव में भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने तीर्थ स्थल घोषित कराने का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद इसके लिए काम नहीं किया जा रहा है।
सरकार के खिलाफ आक्रोश
राज्य सरकार द्वारा जो पक्षपात पूर्ण रवैया सोरों के खिलाफ अपनाए जा रहा है उसे यहां के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं पूरी की गई तो आगामी चुनाव में 'तीर्थ नहीं तो वोट नहीं' का नारा हर नगरवासी की जुबान पर होगा।
भू-समाधि सत्याग्रह में श्याम दीक्षित, छोटू शर्मा, रामदास शर्मा, कपिल पंडित, श्रीकृष्ण भारद्वाज, प्रतीक शर्मा, गोपाल उपाध्याय, अन्ना सिंह, योगेश तिवारी, प्रमोद उपाध्याय, प्रशांत वशिष्ठ, लोकेश पचौरी, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।