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जुमा-अलविदा पर लोगों ने घरों में अदा की नमाज, कोरोना महामारी के खात्मे की दुआ मांगी

Sat, 23 May 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • लोगों ने घरों में अदा की जौहर की नमाज
  • मस्जिदों के पास एहतियातन पुलिस बल तैनात
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घर में नमाज अदा करता एक परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में रमजान उल मुबारक के जुमा-अलविदा की नमाज शाही जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में इंतजामिया कमेटी के लोगों ने अदा की। इस दौरान महामारी के खात्मे और जो हजारों लोग अपनों से इस बीमारी के कारण बिछुड़े हुए हैं, उन्हें मिलाने की दुआ मांगी। रोजेदारों ने घरों में जौहर की नमाज अदा की।

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माह-ए-रमजान में शुक्रवार को अलविदा के जुमे की नमाज लॉकडाउन के कारण घरों में ही अदा करने को कहा गया था। इसके बाद भी एहतियातन मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन नहीं हो सके। 


शाही जामा मस्जिद में शाही इमाम मौलाना इरफान उल्ला खां निजामी ने 15 नमाजियों को अलविदा की नमाज पढ़वाई। खुतबे के बाद नमाज अदा की गई। नमाज के बाद मौलाना ने मुल्क और दुनिया में फैली महामारी के खात्मे की दुआ मांगी। 
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उन्होंने कहा कि हजारों लोग इस महामारी के कारण अपनों से बिछुड़े हुए हैं। अल्लाहतआला उन्हें आपस में मिलाने की तौफीक अता फरमाए। इस मौके पर इस्लामियां लोकल एजेंसी के हाजी असलम कुरैशी, बिलाल कुरैशी, अमजद कुरैशी, हाजी इकबाल, सेठ नईम, सेठ इलियास, मोहसिन अली आदि  थे। 

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ताजमहल की शाही मस्जिद में भी पढ़ी गई नमाज

इसके अलावा शाही मस्जिद लोहामंडी, ताजमहल की शाही मस्जिद, मस्जिद कैथ, मस्जिद कलां समेत अन्य प्रमुख मस्जिदों में आठ से 10 नमाजियों को ही अलविदा की नमाज अदा करने का मौका मिल सका। 

वहीं शहरभर में रोजेदारों ने अपने घरों में ही परिवारीजनों के साथ मिलकर जौहर की नमाज अदा की। शहर मुफ्ती ने अपने बयान में कहा था कि अलविदा की नमाज केवल मस्जिदों में ही अदा की जा सकती है। घरों में लोग केवल जौहर की नमाज ही अदा कर सकते हैं। लोगों ने अपने घरों में जौहर की नमाज अदा करके खुशहाली और अमनोअमान की दुआ मांगी। 

नमाज घर पर पढ़ी

नई बस्ती के करम ईलाही ने बताया कि हमने सुबह से ही घरों में ही नमाज पढ़ने की तैयारी कर ली थी। सभी ने जौहर की नमाज के वक्त नमाज अदा की। हालांकि मौलाना ने कहा कि यह जुमा की नहीं बल्कि जौहर की नमाज कहलाएगी। लेकिन इसमें कोई हर्ज नहीं है। 
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