सोरोंजी। शासन द्वारा तुलसी की कर्मभूमि राजापुर को जन्मभूमि बताकर उसके विकास के लिए धनराशि आवंटित करने से लोग आहत हैं। वे लगातार इस निर्णय पर सीएम को ज्ञापन व मेल के माध्यम से शिकायत भेजकर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। पीएम, सीएम व पर्यटन मंत्री को भेजे गए मेल व पोर्टल पर की गईं शिकायतों में तीर्थनगरी के लोगों ने यह बताया है कि विद्वानों के शोध से सिद्ध है कि सोरोंजी ही गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि है। ब्रिटिश शासनकाल में लिखे गए गजेटियर्स में भी सोरोंजी को ही स्पष्ट रूप से तुलसी जन्मभूमि लिखा गया है। 1943 में एटा के कलेक्टर मिस्टर जे एम लोवो प्रभु तीर्थनगरी आए और यहां गोस्वामी तुलसीदास का भव्य स्मारक व प्रतिमा स्थापित की। तीर्थनगरी के विद्वानों ने पुराने गजेटियरों का भी हवाला दिया है।