मथुरा में तकनीकी गड़बड़ी के चलते घंटाघर पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम धारकों के लिए पिछले पांच दिन किसी दीवाली से कम नहीं रहे। एटीएम से दो हजार की जगह बीस हजार निकले। जबकि लोगों के खाते से सिर्फ अंकित की गई धनराशि ही कटी पाई गई है। इस तरह लगभग दस लाख सात हजार रुपये एटीएम से निकलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
एटीएम में कैश डालने वाली सीएमएस कंपनी के कर्मचारी तीन सितंबर को 18 लाख रुपये केश डालकर गए थे। उसके बाद तकनीकी गड़बड़ी के चलते एटीएम से दो हजार की जगह 20 हजार रुपये निकलने लगे। एटीएम पर कोई गार्ड न होने से इसका पता नहीं लग सका। इसकी जानकारी शनिवार को उस समय हुई जब एक एटीएम धारक ने बताया कि 20 हजार रुपये निकालने गए थे लेकिन एटीएम से 50 हजार रुपये निकले थे। जबकि उनके खाते से महज 20 हजार रुपये ही कटे।
एटीएम धारक रुपये वापस करने बैंक गया तब इसकी जानकारी हुई। बैंक अधिकारियों ने आनन-फानन में एटीएम को बंद कर इसकी जानकारी कैश डालने वाली कंपनी के अधिकारियों को दी। वही, अधिक पैसों से एटीएम धारकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कैश कंपनी के वरिष्ठ मैनेजर आंकार सिंह, ब्रांच मैनेजर नवनीत कुमार शनिवार की शाम को थाने पहुंचे जहां उन्होंने 10 लाख सात हजार रुपये अधिक निकाले जाने की तहरीर दी।
उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि एटीएम कोड से सारे कार्ड धारक चिन्हित कर लिए जाएंगे और रिकवरी कराई जाएगी। कुछ चिन्हित खाताधारकों के पास बैंक के फोन पहुंचे तो वे दंग रह गए।