एसएन मेडिकल कॉलेज में बढ़ने लगी है ओपीडी
- फोटो : अमर उजाला
दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की सर्दी लोगों की हालत खराब कर रही है। जुकाम, खांसी, गले में खराश और कान में खुजली की शिकायत के मरीज खूब आ रहे हैं। बदले मौसम से अस्थमा के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले ऐसे करीब 15-18 फीसदी मरीज हैं।
सोमवार को एसएन में 1600 के करीब मरीज पहुंचे। इसमें मेडिसिन विभाग में 450 मरीज आए। इनमें बुखार, जुकाम-खांसी के ज्यादा रहे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दोपहर और सुबह-शाम के तापमान में अंतर ज्यादा है। इससे बुखार-जुकाम के साथ सिर में दर्द, गले में खराश होना, गले में दर्द होना, कान में खुजली की शिकायत के मरीज आ रहे हैं। मरीज गुनगुने पानी से गरारे कर सकते हैं, अभी ठंडा पानी कतई न पीएं।
वक्ष एवं क्षय रोग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बदले मौसम में अस्थमा के मरीजों को दिक्कत शुरू हो गई है। छाती में संक्रमण होने से सांस लेने में परेशानी, छाती में घर्र-घर्र की आवाज भी आ रही है। अभी मरीजों को दो सप्ताह तक ज्यादा परेशानी रहेगी। चिकित्सक से परामर्श लेकर मरीज इन्हेलर की डोज बढ़ाने के साथ दवाएं भी ले सकते हैं।
दवाओं की किल्लत नहीं हो रही दूर
एसएन में दवाओं की किल्लत अभी भी बनी हुई है। बदले मौसम की बीमारियों की दवाओं की भी कमी है। अभी ओपीडी में 70-80 तरह की दवाएं ही आ रही हैं। इनमें पेट रोग, ईएनटी की दवाएं और एंटीबायोटिक की कमी है। मरीज मेडिकल स्टोर से इन्हें खरीदने को मजबूर हैं। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि दवाएं खरीदी गई हैं, बाकी की इस सप्ताह ओपीडी में उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मरीज बोले कुछ दवाएं ही मिलीं
एसएन में ही हड्डी टूटने पर ऑपरेशन कराया, दर्द होने पर फिर दिखाने आया हूं। पांच में से तीन ही दवाएं मिली हैं। सतीश कुमार, नरायच
पाइल्स की परेशानी है, चिकित्सक ने दवाएं लिखीं। काउंटर पर दो ही दवाएं मिली हैं, बाकी बाजार से खरीदनी पडे़ंगी। रंजीत कुमार,मधुनगर
जुकाम-खांसी हो गया है, सिर में भी दर्द रहता है। ओपीडी में डॉक्टर ने पर्चे पर पांच दवाएं लिखीं, इनमें से तीन ही मिली हैं। खालिद मोहम्मद, बोदला
अपने मौसा को दिखाने लाया हूं, उन्हें सांस लेेने में परेशानी हो रही है। तीन दवाएं ही मिलीं, बताया बाकी की आ नहीं रही हैं। विजय सिंह, हाथरस
एसएन में दवाएं पूरी नहीं मिलती। बाहर से खरीदनी पड़ रही है। पहले भी यहां दिखाने आया, हर बार यही परेशानी रहती है। लाखन सिंह