एनएच-2 के खंदारी चौराहा स्थित हजरत बाबा मखदूम शाह उर्फ नहरे वाले बाबा की 400 साल पुरानी दरगाह को हटाने की कवायद से मुस्लिम समाज में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग हाईवे पर जुट गए। उनका कहना था कि दरगाह किसी कीमत पर शिफ्ट नहीं होने दी जाएगी। लोगों ने निर्माण कंपनी के सामान को भी दरगाह के पास से हटा दिया।
खंदारी चौराहे पर हजरत बाबा मखदूम शाह की दरगाह है। वहां एनएचएआई को फ्लाई ओवर का निर्माण कराना है। लोगों का कहना है कि कुछ दिन से निर्माण कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी दरगाह की नापजोख करने आ रहे हैं। दरगाह की देखरेख करने वाली साबरी बेगम को बताया गया कि पुल निर्माण कार्य के कारण दरगाह को 50 मीटर की दूरी पर दूसरे भवन का निर्माण करके स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके लिए कमरा बनाना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार दोपहर दो बजे जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग दरगाह पर पहुंच गए। सोनू कुरैशी का कहना था कि दरगाह को कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। आरोप लगाया कि दरगाह को छिपाने के लिए उसकी दीवार के चारों ओर लोहे के बेरीकेड्स लगा दिए हैं। लोगों ने बैरीकेड्स को भी हटा गए। बाद में कांग्रेस नेत्री शबाना खंडेलवाल पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि किसी भी दरगाह को अपनी जगह से नहीं हटाया जा सकता है। पुल निर्माण के लिए पिलर बनाने हैं तो उन्हें दरगाह से थोड़ा हटाकर भी बनाया जा सकता है।