बीएड 2013-14 के फर्जी छात्रों का सत्यापन न होने से सैकड़ों पात्र छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है। आठ महीने गुजरने पर भी इनका सत्यापन न होने से परिणाम रुका हुआ है। ऐसे पात्र छात्र शिक्षक पात्रता परीक्षा और एमएड में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। 2013-14 की काउंसलिंग में 191 कालेजों से 13,449 छात्र शामिल हुए। इसमें से 12,822 ने परीक्षा दी। रिजल्ट बनाने के लिए एजेंसी के पास जब सूची आई तो छात्र 20 हजार से अधिक थे। विश्वविद्यालय का तर्क रहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर भी छात्रों को परीक्षा कराई। ऐसे में सत्यापन होने तक काउंसलिंग वाले छात्रों का ही रिजल्ट जारी किया गया। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि सत्यापन के लिए कालेजों से रिकार्ड मांगे गए थे, कालेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
ये था मामला
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि जिन छात्रों ने प्रवेश परीक्षा दी है, उनका परीक्षा में शामिल किया जाए। इसकी आड़ में निजी कालेज संचालकों ने बिना प्रवेश परीक्षा वाले छात्र भी शामिल कर लिए।
ऐसे होनी थी जांच
परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र, कालेज की फीस रसीद, उपस्थिति रजिस्टर की कापी जैसे रिकार्ड मांगे थे। ये सही पाए जाने वाले छात्रों का परिणाम जारी कर दिया जाना था।
प्रैक्टिकल के लिए भटक रहे छात्र
प्रैक्टिकल से छूटे छात्र परेशान भटक रहे हैं। छूटे हुए छात्रों के लिए विश्वविद्यालय ने अभी तक दूसरी तिथि जारी नहीं की है। बता दें कि स्नातक-परास्नातक की प्रैक्टिकल में विभिन्न कारणों से सैकड़ों छात्र वंचित रह गए हैं।