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आलू का गिरा भाव, बैंकों के 150 करोड़ फंसे

Wed, 01 Mar 2017 11:46 PM IST
आलू का गिरा भाव, बैंकों के 150 करोड़ फंसे
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आलू का गिरा भाव, बैंकों के 150 करोड़ फंसे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सब्जियों का राजा आलू का भाव नीचे आने से न केवल किसान परेशान हैं, बल्कि उन बैंकों की परेशानी भी बढ़ गई है जिन्होंने क्राप लोन दिया है। आलू का भाव नीचे रहने पर किसानों के सामने लोन चुकाने का संकट खड़ा होने वाला है। वह परिवार पालें या पहले बैंक का लोन चुकाएं। यही वजह है कि इस तिमाही आगरा में क्र्राप लोन का एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) तीन गुना बढ़ गया है। सरकारी बैंकों के करीब 150 करोड़ रुपये की भरपाई मुश्किल हो गई है।
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आलू बेल्ट के नाम से मशहूर आगरा में करीब 82 हजार किसानों ने क्राप लोन लिया है। इन पर बैंकों का करीब 5 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। इस साल ही बैंकों ने किसानों को 1753 करोड़ रुपये का क्राप लोन बांटा है। इनमें से करीब 150 करोड़ रुपये एनपीए होने लगा है। अक्तूबर के बाद से ही बैंकों में क्राप लोन जमा होने का सिलसिला टूट गया है। किसानों को क्राप लोन पर 24 महीने का री-पेमेंट का मौका मिलता है, तब उसे एनपीए में शामिल किया जाता है। लगातार भुगतान पर 3 फीसदी की सब्सिडी भी सरकार ब्याज में देती है, लेकिन इस साल आलू के भाव में जो गिरावट रही, उससे आलू किसानों के सामने लोन जमा करने का संकट बना रहा।
कर्जा माफ के एलान से भी बढ़ा एनपीए
दरअसल, विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले से ही सभी राजनीतिक दलों ने किसानों को रिझाने के लिए एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने का एलान कर दिया। इस उम्मीद में किसानों ने अक्तूबर से ही लोन जमा करने में ढिलाई बरतनी शुरू कर दी। बैंकों का एनपीए इस अवधि में ही करीब 100 करोड़ रुपये बढ़ा है, जबकि उससे पहले के महीनों में यह 50 से 55 करोड़ रुपये के बीच तक ही होता था।
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उद्यमियों ने नहीं लौटाए 350 करोड़
बैंकों ने किसानों के बराबर ही करीब 6 हजार करोड़ रुपये उद्योगों के विकास के लिए लोन के रूप में दिए, लेकिन उद्यमियों से कर्ज वसूली बैंकों के लिए ज्यादा मुश्किल साबित हो रही है। किसानों के उलट उद्यमियों पर बैंकों का 350 करोड़ रुपया एनपीए हो गया। जानबूझकर कई उद्यमी बैंको का लोन नहीं जमा कर रहे। हर साल करीब 1800 करोड़ रुपये बैंक आगरा में उद्योगों को कर्ज के रूप में देती है, लेकिन इस साल एनपीए भी ज्यादा रहा है। लोन जमा करने वालों में किसानों का रिकार्ड उद्यमियों से ज्यादा अच्छा और नियमित है।

कोल्ड स्टोरों में आलू जमा करने को मच रही मारामारी
फतेहपुर सीकरी। इन दिनों किसानों को कोल्ड स्टोरों में आलू जमा कराने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई दिन तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें मारामारी से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को हाईवे स्थित एक कोल्ड स्टोर पर किसानों ने आलू जमा करने के नंबर को लेकर हंगामा कर दिया। बाद में किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया। बता दें किसानों को आलू की फसल का उचित भाव नहीं मिल पा रहा है। अच्छा भाव पाने के लिए किसान आलू को कोल्ड स्टोरों में जमा कराने में जुटा हुआ है। कोल्ड स्टोरों में मारामारी के चलते किसानों को कई-कई दिन तक लाइनों में लगना पड़ रहा है। 
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