आगरा के जिला अस्पताल में दूसरे दिन भी अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और मेडिको लीगल के एक्सरे नहीं हुए। अल्ट्रासाउंड मशीन भी ठीक नहीं कराई गई। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर लेडी लॉयल के रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन वे भी नहीं आए। घंटों इंतजार कर बिना जांच के ही मरीजों को लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में दो रेडियोलोजिस्ट हैं। इनमें से डॉ. आरबी सिंह सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। संविदा पर सेवारत डॉ. सीमा मेहरा 10 दिन के अवकाश पर चली गई हैं। इससे दो दिन से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सीटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। इनकी जांच कराने के लिए रोजाना 250 से अधिक मरीज यहां आते है। अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं, इसमें से एक खराब पड़ी है।
शनिवार को भी सेंटर के बाहर मरीज पर्चा लेकर डॉक्टर का घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। इसके चलते मरीज मजबूरी में निजी सेंटर और एसएन कॉलेज में जांच कराने के लिए पहुंचे। शुक्रवार को निरीक्षण के दाैरान व्यवस्थाएं चौपट मिलने पर डीएम ने सीएमओ को रेडियोलाॅजिस्ट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। डीएम ने बताया कि डॉक्टर की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई, इसकी रिपोर्ट मांगी जा रही है।
छुट्टी पर गए डॉक्टर का वेतन काटा
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को भी अल्ट्रासाउंड, मेडिको लीगल के एक्सरे और सीटी स्कैन नहीं हो पाए हैं। डॉ. सीमा मेहरा छुट्टी स्वीकृत कराए बिना ही अवकाश पर चली गई हैं। उनका वेतन काटा गया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज रहे हैं।
एसएन कॉलेज से मांग रहे चिकित्सक
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पतालों में रेडियोलाॅजिस्ट की कमी है। ऐसे में एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रेडियोलाॅजिस्ट उपलब्ध कराने को कहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक आने तक सेवाएं मिलने से मरीजों को राहत मिल जाएगी।
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड हो जाएंगे ठप
लेडी लॉयल की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. रचना गुप्ता ने बताया कि यहां एक ही रेडियोलाॅजिस्ट सेवाएं दे रहे हैं। इनके जिला अस्पताल में सेवाएं देने से यहां अल्ट्रासाउंड सेवा ठप हो जाएगी। यहां रोजाना 80 से अधिक गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते हैं।
ये बोले मरीज:
400 रुपये खर्च कर आए
औरेया से इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आए थे। पेट में पथरी होने से दर्द होता है। यहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा। डॉक्टर नहीं होने के कारण जांच नहीं हुई। किराये में 400 रुपये खर्च हो गए। -शिवम कुमार, औरेया
तीन घंटे तक जांच के लिए किया इंतजार
पेट में दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। यहां दो-तीन घंटे तक बैठे रहे, लेकिन जांच होगी कि नहीं कोई बताने वाला ही नहीं था। मजबूरी में बिना जांच कराए ही लौटना पड़ रहा है। - सुख देवी, इटौरा
दूसरे दिन भी मिली निराशा
पेट में दर्द होने पर डाॅक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा है। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। दो दिन से बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है। दर्द बढ़ने पर निजी सेंटर में जांच करानी पड़ेगी। -रूबी, धनौली