एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर मरीज
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया मरीज ढाई घंटे एंबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर पर ही तड़पता रहा। एंबुलेंस चालक ने फोन पर ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास डीजल ही नहीं है। बाद में दूसरी एंबुलेंस से मरीज को ले जाया गया।
कुरावली के मोहल्ला सदर बाजार निवासी वीरेंद्र सिंह (75) को बृहस्पतिवार सुबह अचानक लकवा मार गया। इससे उनका आधार शरीर काम करना बंद हो गया। बेटे प्रदीप कुमार ने सुबह सात बजे के करीब निजी वाहन से उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सैफई रेफर कर दिया। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब रेफर करने के बाद परिजनों से उन्हें ले जाने के लिए कहा गया। प्रदीप व अन्य परिजन स्ट्रेचर पर उन्हें इमरजेंसी के गेट पर ले आए और एंबुलेंस को फोन किया।
प्रदीप कुमार ने बताया कि 108 नंबर पर फोन मिलाया तो उनकी बात एंबुलेंस चालक से कराई गई तो उसने आने में असमर्थता जताई। बार-बार पूछने पर उसने बताया कि उसकी एंबुलेंस में डीजल नहीं है। परिजनों ने कहा कि डीजल वह डलवा देंगे, इसके बाद भी एंबुलेंस चालक राजी नहीं हुआ। काफी मिन्नतों के बाद भी दोबारा फोन मिलाने की बात कहकर उसने फोन काट दिया। काफी देर प्रदीप अपने और अन्य परिजनों के फोन से एंबुलेंस के लिए फोन लगाते रहे, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में साढ़े 11 बजे के करीब संपर्क होने पर दोपहर 12 बजे एंबुलेंस आई। इस एंबुलेंस से वे मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज सैफई गए। एंबुलेंस के इंतजार में मरीज लगभग ढाई घंटे स्ट्रेचर पर ही तड़पता रहा।