एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के दस दिन बाद दूसरी बार जांच कराएं। उनकी लोगों के लिए सलाह है कि कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं। उसे छुपाएं नहीं, अपने मन से दवाएं न लें। डॉ. आशीष गौतम ने अमर उजाला के पाठकों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए।
सवाल : एक वर्ष का बच्चा है। बच्चे को अपना दूध पिला रही हूं, क्या वैक्सीन लगवा सकती हूं?
जवाब : कोई दिक्कत नहीं, वैक्सीन लगवा सकती हैं।
सवाल: मेरे माता-पिता बुजुर्ग हैं, टीकाकरण केंद्र पर आने में असमर्थ हैं, क्या बुजुर्गों को घर पर टीका लगवाने की कोई व्यवस्था है?
जवाब : टीकाकरण केंद्रों पर ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन की जरूरत होती है, इसे घर नहीं ले जाया जा सकता।
सवाल: 20 अप्रैल को मैंने कोरोना टेस्ट कराया। 25 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दोबारा कब जांच करवानी चाहिए और कब वैक्सीन लगवानी चाहिए।
जवाब : प्रथम रिपोर्ट आने के दसवें दिन दूसरी बार टेस्ट कराना होता है। वह भी पॉजिटिव आने पर दो दिन बाद। जब कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आ जाए, उसके 20 दिन बाद वैक्सीन लगवाना चाहिए।
सवाल: मुझे सात अप्रैल को कोरोना के लक्षण दिखे, 14 अप्रैल को आरटी-पीसीआर में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मुझे वैक्सीन का पहला डोज कब लगवाना चाहिए?
जवाब : निगेटिव आने के 20 दिन बाद।
सवाल: मेरे मित्र जिनकी आयु करीब 69 वर्ष है, उनको दो दिन से शाम को हल्की सी हरारत हो जाती है, बुखार 99 रहता है। अन्य कोई समस्या नहीं है, क्या करना चाहिए?
जवाब: तत्काल उनकी कोरोना संक्रमण की जांच करा लेनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराना चाहिए।