जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक
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मैनपुरी। सर्दी बढ़ने से निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। अस्थमा से पीड़ित लोगों की भी परेशानी बढ़ गई है। बड़ी संख्या में हररोज मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बीते 18 दिनों में निमोनिया और अस्थमा से पीड़ित 32 मरीजों की जिला अस्पताल में मौत हो चुकी है। सोमवार को भी अस्थमा से पीड़ित एक वृद्धा ने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में हररोज सौ से डेढ़ सौ मरीज अस्थमा और निमोनिया से पीड़ित होने पर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल पहुंची अस्थमा से पीड़ित आगरा रोड निवासी एक 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई। 18 दिनों में यहां निमोनिया से पीड़ित 14 मरीजों की मौत हुई है। इनमें नौ बच्चे और पांच वृद्ध शामिल हैं। पिछले 18 दिनों में जिला अस्पताल पहुंचे अस्थमा से पीड़ित 18 मरीजों की मौत हुई है।
ऐसे करें देखभाल
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे का कहना है कि निमोनिया के मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। सभी लोग सर्दी से बचाव रखें। बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थान पर न लिटाएं जहां सर्द हवा पहुंचे। कमरे के अंदर धुआं ना करें साथ ही बच्चों को नंगे पैर न घूमने दें। खाने में हरी सब्जी और दाल को शामिल करें, साथ ही ठंडी चीजों को खाने से बचें।
निमोनिया के लक्षण
-बलगम वाली खांसी होना
-बुखार के साथ तेज ठंड लगना
-सांस लेने में परेशानी होना
-सीने में दर्द तथा घबराहट होना
सर्दी के मौमस में बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया तथा अस्थमा की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में इनका विशेष ख्याल रखा जाए। सभी अस्पतालों में निमोनिया और अस्थमा का उपचार और दवाइयां उपलब्ध हैं। जरा भी दिक्कत होने पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लेकर पहुंचें।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ