एंबुलेंस में मरीज को लिटाया तो यहां ऑक्सीजन मास्क नहीं था, सिलिंडर भी खाली था। एंबुलेंस भी स्टार्ट नहीं हुई। बताया गया कि वाहन में डीजल नहीं है। मरीज को बाहर निकालकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया। दूसरी एंबुलेंस भी यहीं खड़ी थी, जिसमें दवाएं और अन्य सर्जिकल सामान भरा हुआ था। इनको खाली करने के लिए वार्ड ब्वाय और अन्य स्टाफ इधर-उधर घूमता रहा।
इधर, मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो इमरजेंसी में फिर भर्ती करा दिया। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई। जयपाल सिंह ने बताया कि करीब घंटे भर तक एंबुलेंस और आक्सीजन के बिना मरीज रहा। सभी से कहा लेकिन हर कोई एक दूसरे पर टालता रहा। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा भी किया।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि प्रधानमंत्री की रैली के चलते हम सभी इमरजेंसी में रहे हैं, ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। क्या मामला है, दिखवाता हूं।