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आगरा: सरकारी मेडिकल कॉलेज में नहीं मिली ऑक्सीजन, मरीज ने तड़प तड़प कर तोड़ा दम

Wed, 09 Jan 2019 10:46 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं के चलते एक मरीज की जान चली गई। एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई, सिलेंडर में ऑक्सीजन भी खत्म हो गई थी। घंटे भर तक बिना ऑक्सीजन के रहने पर मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने हंगामा किया।

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जलेसर रोड मुढ़ी चौराहा निवासी शीला देवी (65) का ब्लडप्रेशर हाई होने पर मंगलवार सुबह 11 बजे करीब जिला अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने प्राइवेट में सीटी स्कैन करवाया तो दिमाग की नस फटी बताई गई। इस पर डॉक्टरों ने मरीज को एसएन इमरजेंसी ले जाने के लिए कहा। 

यहां भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने इनको सर्जरी विभाग के वार्ड में शिफ्ट कर दिया। डॉक्टर ने मरीज को आक्सीजन लगाकर एंबुलेंस से वार्ड तक ले जाने के लिए वार्ड ब्वाय को कहा। मरीज के बेटे जयपाल सिंह का आरोप है कि वार्ड ब्वाय ने मरीज को मौके पर आक्सीजन नहीं लगाया और बोला कि एंबुलेंस में ही लगा दूंगा। 

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सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं, एंबुलेंस में डीजल खत्म

एंबुलेंस में मरीज को लिटाया तो यहां ऑक्सीजन मास्क नहीं था, सिलिंडर भी खाली था। एंबुलेंस भी स्टार्ट नहीं हुई। बताया गया कि वाहन में डीजल नहीं है। मरीज को बाहर निकालकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया। दूसरी एंबुलेंस भी यहीं खड़ी थी, जिसमें दवाएं और अन्य सर्जिकल सामान भरा हुआ था। इनको खाली करने के लिए वार्ड ब्वाय और अन्य स्टाफ इधर-उधर घूमता रहा। 

इधर, मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो इमरजेंसी में फिर भर्ती करा दिया। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई। जयपाल सिंह ने बताया कि करीब घंटे भर तक एंबुलेंस और आक्सीजन के बिना मरीज रहा। सभी से कहा लेकिन हर कोई एक दूसरे पर टालता रहा। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा भी किया। 

इस संबंध में प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि प्रधानमंत्री की रैली के चलते हम सभी इमरजेंसी में रहे हैं, ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। क्या मामला है, दिखवाता हूं। 
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