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आगरा में खून की जांच कर रहे 'फर्जी डाक्टर', छापे में सामने आया सच

Tue, 23 Jan 2018 08:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फतेहाबाद (आगरा)
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छापा - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में झोलाछाप सिर्फ अस्पताल ही नहीं रक्त की जांच भी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे दो झोलाछापों की पैथोलॉजी बंद कराई है। एक को मौके पर सील कर दिया गया, दूसरी लैब को बंद करने के लिए नोटिस चस्पा किया गया है। दोनों पैथोलॉजी लैब का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं था।
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आगरा में अवैध हास्पिटलों के खिलाफ दो दिन अभियान चलाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को गांवों का रुख किया। शमसाबाद स्थित ओमशांति पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा। लैब के अंदर मुकेश कुमार नामक व्यक्ति रक्त की जांच करता मिला। 

उसके पास कोई चिकित्सकीय डिग्री नहीं थी। लैब के बाहर डॉ. आर. कुमार का बोर्ड लगा हुआ था। मुकेश कुमार इस बारे में कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर टीम ने लैब को सील कर दिया। यहां सात मरीजों की रिपोर्ट भी जब्त की गई। 
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छापा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद फतेहाबाद के कुंडौल स्थित बीडी पैथोलॉजी लैब एंड एक्सरे सेंटर पर कार्रवाई की गई। यहां दो-तीन पुरानी रिपोर्ट मिलीं, रक्त का कोई नमूना नहीं था। 

एक्सरे मशीन लगी हुई थी एवं जांच के अन्य उपकरण का पूरा सेटअप लगा हुआ था। इसका संचालक राघवेंद्र सिंह था। बाहर डा. जूही का बोर्ड लगा हुआ था। स्वास्थ्य विभाग से इसे बंद कराने के लिए नोटिस दिया है।
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तो चली जाएगी जान

झोलाछाप सीधे मरीजों की जान से खेल रहे हैं। बिना चिकित्सकीय डिग्री के ये रक्त संबंधी विभिन्न बीमारियों की जांच कर रहे थे। ऐसे में जांच में गड़बड़ी होने पर मरीजों में रक्त संबंधी बीमारियों के पनपने का खतरा तो है ही गलत जांच के आधार पर इलाज से मरीज की मौत भी संभव है। 
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