ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने की राह आसान नजर नहीं आ रही है। लाखों की संख्या में लाइसेंस बिना आधार कार्ड के बने हुए हैं। संभागीय परिवहन विभाग लाइसेंस धारकों को मैसेज भेजकर आधार से जोड़ने की कह रहा है।
संभागीय परिवहन विभाग में वर्ष 2019 से पहले तक मैनुअल ड्राइविंग लाइसेंस तैयार होते थे। इसके बाद स्मार्ट कार्ड तैयार होना शुरू हो गए। स्मार्ट कार्ड की प्रक्रिया के साथ आधार कार्ड जमा होने लगा। इससे पहले हाईस्कूल की मार्कशीट या अन्य प्रमाणपत्र के आधार पर लाइसेंस आसानी से बन जाता था।
विभागीय रिकॉर्ड के हिसाब से वर्ष 2019 से पहले के करीब 8.50 ड्राइविंग लाइसेंस हैं, जिनसे आधार कार्ड को जोड़ा जाना है। लोग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद नवीनीकरण कराने आरटीओ कार्यालय आते हैं। इस वजह से यह कार्य मुश्किल बना हुआ है। अभी तक 2.50 लाख से अधिक पुराने ड्राइविंग लाइसेंस आधार कार्ड जोड़े जा सके हैं, जबकि पांच लाख पर कार्य होना शेष है। यह प्रक्रिया आरटीओ की तरफ से पिछले दो साल से की जा रही है।