भोगांव। बौद्ध सर्किट के लिए डिप्टी डायरेक्टर की देखरेख में अधिग्रहित की गई भूमि के दस मालिकों ने भूमि के बैनामे पर्यटन विभाग के नाम शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग कुल 36 भूमि मालिकों से बैनामे कराएगा।
करोड़ों की लागत से बनने वाले बौद्ध सर्किट का रास्ता सोमवार को साफ हो गया। डिप्टी डायरेक्टर कानपुर एवं लखनऊ पर्यटन विभाग कल्याण सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल की मौजूदगी में अधिग्रहित की गई भूमि के मालिक रामकृष्ण, राधा रमन, शारदा देवी, लवलेश, सुखवीर, जानकी प्रसाद, भीमसेन, जवाहर लाल, कन्हैया लाल और महेश चंद्र ने अपनी भूमि के बैनामे पर्यटन विभाग के नाम रजिस्ट्रेशन कराए।
डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि कुछ काश्तकारों को लोगों ने रुपया मिलने में दिक्कतों को आने की बात कहकर भड़का दिया था। जिसकी जानकारी होते ही वे नायब तहसीलदार अजय यादव को लेकर ग्राम जसराजपुर में गए और सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को बैनामे के होते ही सीधे आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में डाले जाने की का आश्वासन दिया। जिसके बाद दस लोगों ने अधिग्रहित की गई भूमि के बैनामे किए है।
इस संबंध में एसडीएम संंध्या शर्मा ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार बौद्ध सर्किट के लिए लगभग 50 करोड़ रुपयों का बजट रखा गया है। सरकार जसराजपुर संकिसा को बौद्ध पर्यटन के रूप में विकसित करेगी और बौद्ध सर्किट का निर्माण भी इसी उद्देश्य से हो रहा है।
सभी बैनामों के बाद आएगी इंजीनियर्स की टीम
डिप्टी डारेक्टर डॉ. कल्याण सिंह ने बताया कि जैसे ही छत्तीसों बैनामे पंजीकृत हो जाते है। वैसे ही लखनऊ से इंजीनियरों की टीम आकर निरीक्षण करेगी। किस तरह से निर्माण कार्य प्रारंभ होने की जानकारी के बाद कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य शुरू कराएगी।