गर्मी में इलेक्ट्रिक एसी बसों का सफर यात्रियों के लिए किसी सजा से कम साबित नहीं हो रहा है। 10 से 50 रुपये तक किराया चुकाने के बावजूद यात्रियों को कई बसों में एसी की सुविधा नहीं मिल रही है। बंद शीशों के कारण बसों के अंदर यात्री गर्मी से परेशान हो रहे हैं।
सिटी बसों में प्रतिदिन करीब 16 से 17 हजार यात्री सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि ई-बसों में एसी पूरी तरह काम नहीं करता। दोपहर के समय तो बस के अंदर बैठना मुश्किल हो जाता है। कई बार बस स्टाफ से कहासुनी तक की नौबत आ जाती है। सिटी बस के परिचालक राममोहन और ओमवीर सिंह ने बताया कि एसी में खराबी की शिकायत कई बार डिपो में अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता है।
भगवान टॉकीज निवासी नीतेश कुमार ने बताया कि शहर में आने-जाने के लिए इलेक्ट्रिक बस से सफर करता हूं। एसी बस बैठने के बाद भी पसीने से कपड़े भीग जाते हैं। एसी बस का किराया देने के बाद भी घुटन में सफर करना पड़ रहा है। आगरा कॉलेज के छात्र जीतू बघेल ने बताया कि गर्मी के मौसम में कई बार सिटी बसों का एसी काम नहीं करता। महिलाओं और बच्चों के लिए सफर करना बहुत मुश्किल हो गया है। विभाग को व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
सिटी बस संचालन प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है कि मैकेनिकल टीम लगातार बसों की मरम्मत में लगी हुई है। जिन बसों से एसी खराब होने की शिकायत मिलती है, उन्हें तत्काल डिपो में खड़ा करा लिया जाता है। अत्यधिक तापमान की वजह से भी एसी में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। नगर निगम के पास कुल 100 सिटी बसें हैं, जिनमें से 90 बसों का संचालन किया जा रहा है।