आईएसबीटी में बस में चढ़ते यात्री
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उत्तर प्रदेश के आगरा में रोडवेज ने भले ही बसों के 25 फीसदी फेरे बढ़ाने का दावा किया हो, लेकिन यात्रियों को राहत नहीं मिली है। सरकारी बस न मिलने पर मजबूरन यात्रियों को डग्गमार वाहन की सवारी करनी पड़ रही है। त्योहार में चांदी काटने के लिए डग्गामार वाहन चौराहों से बेधड़क सवारी लेकर जा रहे हैं। इन पर परिवहन विभाग कार्रवाई भी नहीं कर रहा है।
रामबाग चौराहा, वाटर वर्क्स चौराहा, सिकंदरा, बिजलीघर, मधु नगर, रोहता पर डग्गामार वाहनों की भरमार रहती है। डग्गामार वाहन यहां चौराहों पर बिना रोकटोक के सवारियां ढोते हैं। सरकारी बस न मिलने पर यात्रियों को डग्गामार वाहनों में यात्रा करनी पड़ रही है। यात्रियों की संख्या देखकर कई चालक लोडिंग वाहन में ही सवारियां ढो रहे हैं। जल्दी घर पहुंचने के लिए यात्री इनमें जान का जोखिम लेकर सफर भी कर रहे हैं। आरटीओ प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि चौराहों पर डग्गामार और अवैध बसों के चालान करने के लिए टीम को निर्देशित कर दिया है।
टिकट को लंबी लाइन, स्टेशन पर धक्कामुक्की
होली पर विशेष ट्रेन न चलाए जाने और कोच में वृद्धि नहीं करने से यात्रियों को परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। टिकट के लिए लंबी लाइन लगी है, रिजर्वेशन की वेटिंग 150 दिन से अधिक चल रही है। आगरा कैंट, राजामंडी स्टेशन पर तो यात्रियों की भारी भीड़ जमा है। यहां प्लेटफार्म खचाखच भरे रहने से धक्कामुक्की और मारामारी हो रही है। रेलवे की ओर से यहां विशेष इंतजाम भी नहीं किए हैं।
डग्गामार वाहन में बैठकर जाना पड़ रहा है
नगला पदी निवासी दिनेश शर्मा ने बताया कि कानपुर जाना है। वाटर वर्क्स पर घंटे भर इंतजार करने पर भी बस में जगह नहीं मिली। जल्दी घर पहुंचना है, ऐसे में डग्गामार वाहन में बैठकर जाना पड़ रहा है। दयालबाग निवासी गौरव सिंह ने बताया कि रिश्तेदार आए थे। इनको आगरा कैंट स्टेशन छोड़ने गया। दिल्ली के लिए टिकट लेने के लिए धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। स्टेशन पर भी भारी भीड़ रही।