प्रमुख ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज कर्मी कंधे से कंधा मिलाकर हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आगरा रीजन में 515 में से आधी बसें ही चलीं। वहीं, सिटी बसें एमजी रोड पर निकली ही नहीं। हड़ताल के दौरान निजी बसों की सेवाएं भी ली जा सकती थीं, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कोई इंतजाम नहीं किए। इसकी वजह से रोजमर्रा के यात्रियों के साथ बाहर के लोगों ने डग्गेमार वाहनों के अलावा ट्रेनों में भी सफर किया। इससे वाहनों और ट्रेनें खचाखच भरकर चलीं।
रोडवेज कर्मी मंगलवार रात 12 बजे से हड़ताल पर चले गए थे। हालांकि दो यूनियनें उत्तरप्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद हड़ताल पर नहीं रहीं। परिषद के क्षेत्रीय मंत्री चंद्र हंस ने बताया कि हमारी परिषद हड़ताल में शामिल नहीं रही। हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान से एक भी बस नहीं आई। बिजलीघर, आईएसबीटी और ईदगाह बस अड्डों पर बसें खड़ीं रहीं। एमजी रोड पर सिटी बसें बंद रहने से लोकल यात्रियों को परेशानी हुई। भगवान टाकिज, वाटरवर्क्स, सिकंदरा, सुल्तानगंज की पुलिया, मधुनगर, राजपुर चुंगी, रामबाग, टेढ़ी बगिया, अर्जुन नगर में सैकड़ों लोग बसों के इंतजार में खड़े रहे। इसका फायदा डग्गेमार और अवैध रूप से चल रहे वाहनों ने उठाया।
20 लाख का नुकसान झेलना पड़ा
रोडवेज के तीन कर्मचारी संगठनों में से एक ही संगठन हड़ताल पर रहा। बसें न चलने से रोडवेज को करीब 20 लाख का घाटा हुआ। उधर, सभी बस अड्डों पर एहतियातन पुलिस तैनात रही।
हड़ताल का मिलाजुला असर रहा है। एक ही यूनियन ने हड़ताल की थी। बाकी यूनियन के चालक-परिचालकों ने नियमित रूप से बस चलाई।
- एके झा, क्षेत्रीय प्रबंधक, आगरा परिक्षेत्र
संविदा कर्मचारी यूनियन पूरी तरह से हड़ताल पर रही। फाउंड्रीनगर से आधा दर्जन बस ही निकलीं, वह भी वापस लौट आईं।
- केके अरेला, क्षेत्रीय मंत्री, संविदा कर्मचारी यूनियन
- दिल्ली जाना था। ईदगाह पहुंचे, लेकिन बस नहीं मिली। वहां से आईएसबीटी आए, लेकिन वहां पर भी बस नहीं मिली।
नीरज कुमार, निवासी रामनगर
- एटा जाना था, लेकिन बस नहीं मिली। आईएसबीटी पर एक दो बस आईं भी लेकिन चंद मिनटों में भरकर चली गईं।
- राजपाल, एटा निवासी
- शिकोहाबाद जाने को तीन घंटे से कोई बस नहीं मिली। हमारे साथ आईएसबीटी पर सैकड़ाें लोग बस के इंतजार में खड़े हुए थे।
- ललित कुमार, देहलीगेट निवासी
मथुरा से ट्रेन पकड़कर कोटा जाना था, लेकिन मथुरा के लिए भी बस नहीं मिली। आईएसबीट पर शाम छह बजे आ गए थे।
बृजमोहन, न्यू आगरा
आयकर और बीमा कार्यालय पर प्रदर्शन
आगरा। हड़ताल का आयकर विभाग में व्यापक असर नजर आया। वहीं, बीमा कार्यालयों में भी कामकाज ठप रहा। आयकर विभाग के संजय प्लेस कार्यालय पर राजपत्रित अधिकारी महासंघ और कर्मचारी महासंघ ने संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया। आयकर कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष राकेश बाबू, क्षेत्रीय सचिव संतोष केसरी, ब्रजेश गौतम, लक्ष्मीकांत शर्मा, बाला प्रसाद, निहाल सिंह, गोपाल आर्य, आयकर राजपत्रित अधिकारी महासंघ जिलाध्यक्ष सुबीर चटर्जी, सचिव डा. एसके अरेला, अजीत श्रीवास्तव, प्रवीन अग्रवाल, आयकर कर्मचारी महासंघ वर्ग घ से राज बहादुर, मांगे लाल आदि मौजूद रहे।
एलआईसी आफिस में नारेबाजी
जीवन बीमा निगम के कर्मचारी संगठन, आल इंडिया इंश्योरेंस एंपलाइज एसो. के आह्वान पर आगरा के बीमा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। संजय प्लेस कार्यालय पर प्रदर्शन कर नई पेंशन स्कीम को वापस लेने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के साथ बीमा कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शन में संजय दीक्षित, अजय अंतानी, जेजे कुलश्रेष्ठ, अश्वनी तोमर, राजीव अग्रवाल, अभय शर्मा, बच्चू सिंह, हरिओम गुप्ता, राजेश शर्मा, राज कुमार जैसवाल, अशोक यादव आदि मौजूद रहे।
इंटक ने निकाली रैली
आगरा। इंटक व उससे जुड़े संगठनों ने पंचकुइयां से तहसील सदर तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी अशोक कुमार शर्मा को दिया। इंटक जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिन कारखानों में 20-40 मजदूर हैं, उन्हें श्रम कानून के दायरे में रखा जाए। बोनस एक्ट में लिमिट को समाप्त कर लाभ के आधार पर बोनस दिया जाए। इस तरह की 13 मांग रखी। इस मौके पर इंजीनियरिंग उद्योग वर्कर्स यूनियन से बनवारी लाल, बैनारा उद्योग वर्कर्स यूनियन से सतीश सिंह, होटल ट्राईडेंट वर्कर्स यूनियन से रमेश थापा, ट्रांसफार्मर इंडस्ट्रीज वर्कर्स यूनियन से तोरन सिंह, असंगठित यूनियन से तुला राम, बिजेंद्र शर्मा, रेव सिंह, इंटक से संजय सिंह, शैलेंद्र रहेजा, एसएम शर्मा आदि शामिल रहे।
राजामंडी पर रोकी झेलम एक्सप्रेस
आगरा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी ने राजामंडी रेलवे स्टेशन पहुंचकर जम्मूतवी पुणे-झेलम एक्सप्रेस को सांकेतिक रूप से रोका। पहले से मौजूद आरपीएफ, जीआरपी ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। प्लेटफार्म नंबर दो पर सभा की। अध्यक्षता कॉमरेड शाहीन बेगम ने की। संचालन कामरेन श्रीलाल तोमर ने किया। राज्य कमेटी के सदस्य कॉमरेड भारत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति का ही परिणाम है कि देश में 45 से बढ़कर 100 अरबपति हो गए। इस मौके पर सरोज सिंह, किरन सिंह, राजेंद्री, राम प्रकाश धाकरे, गंगाधर सविता, पूरन सिंह आदि मौजूद रहे।
509 आर्मी वर्कशॉप का धरना
आगरा। 509 आर्मी वर्कशॉप ने डिफेंस कोआर्डिनेंस कमेटी के समर्थन में हड़ताल की। आल इंडिया डिफेंस एंपलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा. जितेंद्र स्वरूप, सचिव राजेश शर्मा ने केंद्र की नीतियों का विरोध किया। इस मौके विजय शर्मा, अशोक शर्मा, अजय अग्रवाल, केके उपाध्याय, टीपी सिंह, भगवती प्रसाद, श्याम बाबू आदि मौजूद रहे।
उपश्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन
आगरा। भवन निर्माण मजदूर संगठन भी हड़ताल पर रहा। एटक से संबंधित श्रम संगठनों भवन निर्माण मजदूर संगठन, मेकेनिकल एंड टेक्निकल वर्कर्स यूनियन, होटल एंड रेस्टोरेंट वर्कर्स यूनियन, उत्तरप्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, श्रमिक अधिकार संरक्षण समिति से जुड़े श्रमिकों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। भवन निर्माण मजदूर संगठन महासचिव धर्मजीत सिंह, एटक नेता जगदीश प्रसाद रमेश गुप्ता, मिंटू शर्मा, एनएस श्रीवास्तव, रामलाल आदि मौजूद रहे।
वन रैंक वन पेंशन हो लागू
आगरा। नेशनल एक्स सर्विसमैन कोआर्डिनेशन कमेटी ने देवरी रोड पर बैठक की। वन रैंक वन पेंशन को लागू करने की मांग की। साथ ही आगामी दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर भी सहमति बनी। मौके पर राजेंद्र सिंह, प्रताप सिंह चाहर, विष्णु त्यागी, प्रमोद कुमार, शांति प्रसाद आदि उपस्थित रहे।