मैनपुरी/भोगांव/करहल। प्राणी मात्र के प्रति प्रेम भावना रखने और अहिंसा का पालन करने की शिक्षा देने वाले जैन धर्म के अनुयायियों ने पर्यूषण पर्व के समापन पर क्षमावाणी मनाकर एक दूसरे से उत्तम क्षमा बोलकर जाने अनजाने में हुईं भूलों की क्षमा मांगी।
शहर के पार्श्वनाथ जिनालय मोहल्ला लुहाई और बड़े जैन मंदिर में रविवार शाम को जैन समाज के लोग एकत्रित हुए। सभी ने एक दूसरे के गले लगकर जाने अनजाने में हुए गलियों की क्षमा मांगी। इस अवसर पर प्रकाश चंद्र जैन दादा, शिवचरणलाल जैन, आदेश जैन, राकेश जैन, उमेशचंद्र जैन एडवोकेट, डॉक्टर एके जैन, डॉक्टर देवेश जैन, गौरव जैन उपवन रहे।
वहीं, भोगांव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज के लोगों ने आपस में गले मिलकर, पैर छूकर और एक दूसरे को उत्तम क्षमाभाव बोलकर क्षमावाणी पर्व मनाया। आपसी विरोध व कटुता को भूलकर लोगों ने क्षमा मांगकर समाज को एकजुटता का संदेश दिया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए।
इससे पूर्व श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर व श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में जिनेंद्र अभिषेक-सामूहिक पूजन के पश्चात श्री पंचपरमेष्ठी मंडल विधान का आयोजन किया गया। इस मौके पर नलिन कुमार जैन, सुधीर जैन, जयगुप्त जैन, दिनेश जैन, अशेष जैन, आशू जैन, मनीष जैन, आरसी जैन, गौरव जैन, नवीन जैन रहे।
एक दूसरे से मांगी गलतियों की क्षमा
करहल। पुराना थाना रोड स्थित जैन भवन नसियां जी में सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से क्षमावाणी पर्व के साथ श्रीजी की धाराएं व जिन अभिषेक हुआ। समाज के लोगों ने सालभर में हुई गलतियों की एक दूसरे से क्षमा मांगी। समाज के लोग मानते हैं क्षमा मांगने से कोई छोटा बड़ा नहीं होता।
गलतियां मनुष्य से होती हैं। इनके लिए क्षमा मांग लेने और दूसरों को क्षमा देने से ही सुख शांति के द्वार खुलते हैं। इस मौके पर शैलेंद्र जैन अहिंसा, विमल कुमार जैन, अवनीश जैन रपरिया, अमित जैन सेंकी, अंशुल रपरिया, बसंत जैन, भद्र कुमार जैन, हिमांशु जैन, विशाल जैन, सौरव रपरिया, आलोक जैन, संजीव कुमार जैन मौजूद रहे।