एटा। पर्यूषण पर्व के दौरान शहर भक्ति सागर में गोते लगा रहा है। जैसे-जैसे पर्व समापन की ओर बढ़ रहा है, धर्म आराधना बढ़ती जा रही है। श्रावक-श्राविकाएं व्रत, नियम और संयम का पालन कर कर्म निर्जरा कर रहे हैं। मंगलवार को पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना की गई। इस मौके पर श्रावक-श्राविकाओं ने संसार से मुक्ति पाने की प्रार्थना की।
पुरानी बस्ती बड़ा जैन मंदिर में मुनि विश्रुत सागर महाराज ने कहा कि त्याग परद्रव्यों में होने वाले राग और द्वेष का होता है। त्याग वह है जहां परिग्रह का त्याग किया जाता है। दान चार प्रकार के होते हैं, औषधि, शास्त्र, अभय और आहार दान। वहीं नशिया जैन मंदिर, मझराऊ, गोटा वाला जैन मंदिर, अत्तार मंदिर, शीतलनाथ मंदिर में पूजन का आयोजन किया गया।
सामिग्री यात्रा में झूमे इंद्र
जैन गली स्थित जानकीदास चैत्यालय से सामिग्री यात्रा निकाली गई। जिसमें पीत वस्त्रधारी इंद्रों ने अनूठी छटा बिखेरी। यात्रा जानकीदास चैत्यालय से शुरू होकर मोरध्वज मंदिर, बड़ा जैन मंदिर, पटिया मंदिर, नेमिनाथ मंदिर, मझराऊ मंदिर, जैन नगर मंदिर, गोटा मंदिर, नशिया मंदिर, अत्तार मंदिर, शीतलनाथ मंदिर होते हुए जैन गली में समाप्त हुई। यात्रा में जौनी जैन, रिंकू जैन, सोनू जैन, दिलीप जैन, अंकित जैन, विमल जैन, रेखा जैन , आयुषी जैन, संध्या जैन, सरोज जैन, मोना जैन, गीता जैन, कुमकेश जैन मौजूद रहे।
आज करेंगे उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा
पर्यूषण पर्व के दौरान नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा की जाएगी। इस मौके पर श्रावक-श्राविकाएं परिग्रह त्याग का संकल्प लेंगे।
नृत्य प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा
जानकीदास चैत्यालय में चल रही धार्मिक प्रतियोगिताओं में सोमवार रात को नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में मेघा जैन और सोना जैन विजेता रहे। इस मौके पर वीरेंद्र जैन और अशोक जैन ने बच्चों को पुरस्कृत किया।