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UP: साइबर अपराधियों के साथ रेस्टोरेंट में पार्टी, दरोगा की रील हुई वायरल; एसएसपी ने किया निलंबित

Sun, 07 Jul 2024 12:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

साइबर अपराधियों के साथ रेस्टोरेंट में पार्टी करते हुए दरोगा ने रील बनाई। ये रील वायरल होने के बाद एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। 
 
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शहर में लगे कुख्यात अपराधी के पोस्टर, दरोगा रेस्टोरेंट में उसके साथ कर रहे पार्टी; बनाई रील - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अपराधियों को जेल भेजने के बजाए रेस्टोरेंट में उनके साथ जुगलबंदी करने वाले गोवर्धन थाने के दरोगा अनुज तिवारी और सुरेंद्र सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। अनुज तिवारी पलसो चौकी प्रभारी के तौर पर तैनात थे। वहीं, सुरेंद्र सिंह यादव थाने पर तैनात थे। अमर उजाला में प्रकरण की खबर वांटेड संग दरोगाओं की रेस्तरां में जुगलबंदी शीर्षक से सात जुलाई 2024 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के स्तर से यह कार्रवाई की गई है।
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बता दें कि सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हो रही है, इसमें गोवर्धन थाने के दरोगा अनुज तिवारी और सुरेंद्र सिंह यादव टॉप-10 साइबर अपराधियों की सूची में शामिल अपराधी शाहिद और शाकिर निवासीगण देवसेरस एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए दिख रहे हैं।
 

टेबल के एक ओर अपराधी और दूसरी ओर दोनों दरोगा बैठे हैं। शाहिद खान द्वारा 20 सेकंड की रील बनाई जाती है। इसमें वह पहले खुद को बाल संवारते हुए कैद करता है। इसके बाद अपने साथी शाकिर को कैद करता है और फिर दोनों दरोगाओं की ओर भी कैमरा घुमाकर उनको कैद करता है।

रील बनाने के बाद यह फेसबुक पर भी डालता है। मगर, कुछ ही देर बाद रील को हटा देता है। रील अपलोड होते ही लोग इसे संरक्षित कर वायरल कर देते हैं। इसको लेकर थाना पुलिस से लेकर जिला पुलिस की भारी फजीहत हुई।

 

खड़े हुए सवाल, वायरल वीडियो पहले ही संज्ञान में था, क्यों बचाते रहे अधिकारी
कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़े मुकेश धनगर ने वायरल वीडियो को लेकर बयान जारी किया है कि साइबर अपराधियों से पुलिस की बड़ी जुगलबंदी है। गोवर्धन थाना पुलिस महीनेदारी लेती है। सभी जानते हैं कि मथुरा से देशभर में साइबर अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। जब पुलिस इनके साथ रेस्टोरेंट में बैठकर पार्टी करेगी तो जनता को न्याय कैसे मिलेगी।
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मुकेश धनगर ने कहा है कि जिस प्रकार से वीडियो में जुगलबंदी दिख रही है उससे साफ है कि दरोगा इनसे महीनेदारी लेने ही गए होंगे। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि गोवर्धन इंस्पेक्टर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह वीडियो इंस्पेक्टर के संज्ञान में था। योगी की पुलिस के इस कारनामे को बजट सत्र में कांग्रेस सांसदों के जरिये संसद में उठवाया जाएगा। मथुरा के यह साइबर अपराधी देशभर के लोगों को ठग रहे हैं। यह बड़ा मुद्दा है।
 
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