(प्रतीकात्मक तस्वीर)
आगरा के मलपुरा ड्रॉपिंग जोन में पैराजंप के दौरान पैराट्रूपर अमित कुमार (27) की पैराशूट नहीं खुलने पर मौत हो गई। उन्होंने गुरुवार को जहाज एएन-32 से छह हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। उनका पैराशूट नहीं खुला। इस कारण वह सीधे जमीन पर गिरे। उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पैराट्रूपर अमित कुमार पुत्र शक्ति सिंह गांव भुसाल, थाना परोह, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे। गुरुवार की शाम को वो अभ्यास के लिए ड्रोपिंग जोन में आए थे। उन्होंने जहाज से छह हजार फुट की ऊंचाई से छलांग लगाई।
विज्ञापन
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
आगरा के मलपुरा पैरा ड्रोपिंग जोन में एक साल के अंदर यह तीसरा हादसा हुआ है, जब पैराशूट न खुलने से पैराट्रूपर की जान चली गई। तीनों बार पैराट्रूपर रिजर्व (इमरजेंसी) पैराशूट भी नहीं खोल पाए।
विज्ञापन
3 of 5
पैरा ब्रिगेड के जवान हरदीप सिंह का फाइल फोटो
पैरा ब्रिगेड के जवान हरदीप सिंह का फाइल फोटो
नवंबर 2018 में 11.5 हजार फुट की ऊंचाई से गिरने से पैरा ब्रिगेड के जवान हरदीप सिंह (26) की मौत हो गई थी। पैराजंपर हरदीप (26) की मौत की वजह उनके सिर में गहरी चोट बताई गई थी। उनके शरीर में और भी कई जगह चोट लगी थी। 11 वीं पैरा रेजिमेंट के होनहार पैराजंपर हरदीप (26) पटियाला के सबाना तहसील के गांव समंडी मलिक के रहने वाले थे। उनका पैराशूट की साइड की डोरियां (रस्सी) उनके एक हाथ में फंसी मिली।
4 of 5
पैरा जंपर सुनील का फाइल फोटो
पैरा जंपर सुनील का फाइल फोटो
मार्च 2018 में पलवल के गांव गहलब निवासी पैरा कमांडो सुनील सहरावत (25) की मौत हो गई थी। उनके साथ ही ऐसा ही हादसा हुआ है। पैरा ग्लाइडिंग की ट्रेनिंग लेते समय पैराशूट नहीं खुला और सुनील जमीन पर आ गिरे। इससे उनकी मौत हो गई। सुनील सहरावत (25) साल 2012 में फौज में भर्ती हुए थे। सुनील पैरा कमांडो के पद पर तैनात थे।
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
एक साल के अंदर यह तीसरा हादसा है, जब पैराशूट न खुलने से पैराट्रूपर की जान चली गई। इन हादसों से हैरानी इसलिए भी हो रही है कि क्योंकि एक साल का समय बहुत लंबा नहीं है। पैराट्रूपर के पास एक और पैराशूट होता है, जो उसके पेट के साथ बंधा होता है। इसे रिजर्व पैराशूट कहते हैं। पिछले दोनों हादसे में यह पैराशूट नहीं खुला। इस हादसे में भी यही माना जा रहा है।