भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का एक और लाल देश पर कुर्बान हो गया। श्रीनगर में एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एयरमैन टेक्निकल (नायक) पंकज ने चॉपर से एक स्पेशल ऑपरेशन के लिए उड़ान भरी थी। अचानक चॉपर गिर गया है। कैसे गिरा यह साफ नहीं हो सका है। पंकज 24 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। जब सूचना परिवार में पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवार वालों का कहना है कि 28 फरवरी को उनका पार्थिव शरीर पहुंचेगा।
महानगर के बालाजीपुरम में रहने वाले रिटायर सूबेदार मेजर नौबत सिंह के पुत्र थे पंकज। पंकज 2012 में वायु सेना में एयरमैन तकनीकी के पद पर भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में पंकज की तैनाती एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर में थी। पंकज की 26 फरवरी को रात करीब नौ बजे अपनी मां रेखा नौहवार और भाई अजय से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि 27 फरवरी को स्पेशल ऑपरेशन के लिए रिहर्सल होना है। सुबह को उसमें व्यस्त रहेंगे। घर वालों ने बताया कि जब आज सुबह फोन किया तो बात नहीं हो पाई थी। फोन स्विच ऑफ जा रहा था। बुधवार की दोपहर को करीब ढाई बजे श्रीनगर यूनिट से फोन आया कि पंकज नहीं रहे। इतना सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल था। घर वालों ने बताया कि 11 जनवरी को पंकज छुट्टी पर घर आए थे। 17 जनवरी को उन्होंने परिवार वालों के साथ अपना जन्मदिवस मनाया। तीन फरवरी को पंकज अपनी छुट्टी खत्म करके वापस गए थे। कहा था कि अप्रैल में दो साल पूरे हो जाएंगे तो वह घर आएंगे। लेकिन कौन जानता था कि पंकज कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंकज के भाई अजय ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन के लिए वायुसेना की यूनिट का मूवमेंट होना था। उसी के लिए रिहर्सल किया जा रहा था। अब वहां क्या हुआ यह अभी जानकारी नहीं है।