मैनपुरी। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रशासक बनाया गया है। ऐसे में अब उन्हें ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है।
25 दिसंबर को पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद ग्राम प्रधानों के अधिकार समाप्त हो गए हैं। इसके बाद 28 अधिकारियों को गांवों का प्रशासक बनाया है। इसमें समाज कल्याण विभाग, विकास विभाग आदि के सहायक विकास अधिकारी पंचायत के साथ ही खंड शिक्षाधिकारी और अपर जिला सहकारी अधिकारी भी शामिल हैं। पंचायत राज विभाग से इतर अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के संचालन और उनकी योजनाओं आदि के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इस समस्या के समाधान के लिए चार जनवरी को उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विशेष रूप से मनरेगा योजना के संचालन की प्रक्रिया और भुगतान आदि की जानकारी दी जाएगी। ब्लॉक मैनपुरी स्थित टीईपी सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण में सभी 28 प्रशासकों के साथ ही ग्राम पंचायत सचिव भी मौजूद रहेंगे। प्रशिक्षण के संबंध में सभी को आदेश जारी कर दिया गया है।
दो पालियों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण दो पालियों में होगा। प्रथम पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक जागीर, बरनाहल, किशनी, घिरोर और करहल समेत पांच ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में तैनात प्रशासकों और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण होगा। दूसरी पाली में दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक मैनपुरी, कुरावली, सुल्तानगंज और बेवर ब्लॉक में तैनात प्रशासक और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्जन
मनरेगा योजना के साथ ही ग्राम पंचायत की योजनाओं और उनके संचालन आदि के लिए प्रशासकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। चार जनवरी को दो पालियों में ब्लॉक मैनपुरी के टीईपी सेंटर में प्रशिक्षण होगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
रंजीत सिंह, उपायुक्त मनरेगा।