सोरोंजी। अचला एकादशी पर दो जून को शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाई जाएगी। पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति ने बैठक में कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार की। महंत जगदीश गिरि ने बताया कि इस बार एकादशी तिथि का प्रारंभ दो जून को सुबह 5:04 बजे पर होगा और समापन तीन जून को रात्रि 2:41 बजे होगा। दो जून को उदया तिथि में एकादशी होने के कारण परिक्रमा करना एवं व्रत रखना इसी दिन श्रेष्ठ होगा। परिक्रमा सेवा समिति संयोजक शरद पांडेय ने बताया कि शास्त्रों में ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर व्रत रखने से लोग किसी भी प्रकार की बुरी ऊर्जा और नकारात्मकता से सुरक्षित रहते हैं।